मुंबई: 23 मई को महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में पेट्रोल की बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले 23 फीसदी ज्यादा जबकि डीजल की बिक्री 52 फीसदी अधिक हुई। कई जिलों में डीजल की बिक्री 100 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गई, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जालना में डीजल बिक्री 154 फीसदी, नांदेड़ में 114 फीसदी और वाशिम में 105 फीसदी तक बढ़ी। वहीं अकोला, अमरावती, उस्मानाबाद, नासिक और परभणी समेत कई जिलों में भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सरकार का मानना है कि राज्य में ईंधन की कोई किल्लत नहीं है, बल्कि अफवाहों के कारण बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा किया गया। इसी को देखते हुए अब गृह विभाग और नागरी आपूर्ति विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक स्टॉक करने वालों, कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और तेल कंपनियों को भी हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि देश में बीते 10 दिनों में कई बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं और इसकी वजह से जनता के बीच ये चर्चा भी है कि आने वाले समय में भी दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में व्यापारी वर्ग समेत पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों ने भी इसकी खरीद बढ़ा दी है, जिसका नतीजा ये है कि राज्यों में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो रही है।
हालांकि सरकार ने बार-बार ये बात साफ की है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है, इसलिए अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसके बावजूद कई लोग इस बात पर अमल नहीं कर रहे हैं।