जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई और साल 2024 में अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में वांटेड आरोपी अनमोल बिश्नोई ने गुरुवार को मुंबई की विशेष महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की अनुमति मांगते हुए याचिका दायर की है। अपनी याचिका में अनमोल ने कहा कि वह "निष्पक्ष सुनवाई और न्याय के हित में चल रहे मुकदमे का सामना करने तथा न्यायिक कार्यवाही में शामिल होने के लिए" स्वेच्छा से मुंबई की अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहता है।
अभी कहां है अनमोल बिश्नोई?
आपको बता दें कि अनमोल बिश्नोई फिलहाल नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसे नवंबर 2025 में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। भारत पहुंचने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कथित आतंकवादी-गैंगस्टर गठजोड़ के एक मामले में उसे गिरफ्तार किया था।
याचिका में क्या कहा गया?
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश एस. आर. नवेंदर ने लोक अभियोजक को अनमोल की ओर से दायर याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है कि हालांकि अनमोल एनआईए के मामले में पहले से न्यायिक हिरासत में है, लेकिन उचित निर्देश जारी किए बिना वह मुंबई की अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकता। उसने तिहाड़ जेल प्रशासन के नाम एक प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है, ताकि उसके आत्मसमर्पण को औपचारिक रूप से दर्ज किया जा सके और आवश्यक रिमांड की कार्यवाही, चाहे वह भौतिक रूप से हो या वर्चुअल माध्यम से, पूरी की जा सके।
याचिका में कहा गया है कि यदि यह राहत दी जाती है तो अभियोजन पक्ष को कोई पूर्वाग्रह नहीं होगा। इसके विपरीत, इससे कार्यवाही में तेजी आएगी और कानूनी प्रक्रिया के किसी भी दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि फायरिंग मामले की सुनवाई पहले से जारी है और उसकी अनुपस्थिति में अभियोजन पक्ष के तीन गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
क्या है पूरा मामला?
14 अप्रैल 2024 को दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर बांद्रा स्थित सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की थी और इसके बाद मौके से फरार हो गए थे। मुंबई पुलिस ने इस मामले में मकोका लगाया था और आरोप लगाया था कि इस हमले की साजिश लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने रची थी। शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल के साथ-साथ सोनूकुमार बिश्नोई, मोहम्मद रफीक चौधरी और हरपाल सिंह पर इस मामले में मुकदमा चल रहा है और सभी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले का एक अन्य आरोपी अनुज कुमार थापन की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी के रूप में नामजद किया गया है।
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