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मुंबई में विज्ञापनों के लिए BMC ने जारी की नई होर्डिंग पॉलिसी, जानें 17 लोगों की मौत के बाद क्या-क्या बदला?

मई 2024 में एक विशाल होर्डिंग गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद नई होर्डिंग पॉलिसी जारी की गई है। अब 40 स्क्वॉयर फीट से ज्यादा बड़े होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं होगी।

BMC Hoarding- India TV Hindi
Image Source : PTI प्रतीकात्मक तस्वीर

बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में विज्ञापनों के लिए नई हॉर्डिंग पॉलिसी जारी की है। आउटडोर विज्ञापन के लिए जारी 2025 की पॉलिसी के अनुसार 40 स्क्वॉयर फीट से बड़े होर्डिंग नहीं लगाए जा सकेंगे। घाटकोपर में 13 मई 2024 को 120 स्क्वॉयर फीट की विशालकाय होर्डिंग गिर गयी थी। इसके चपेट में आने से 17 लोगों की मौत हो गयी थी और 70 लोग घायल हुए थे। इस दुर्घटना की जांच की गई और उसके बाद नई होर्डिंग पॉलिसी बनाने के आदेश मुम्बई महानगरपालिका को दिए गए थे।

जांच समिति की सिफारिशों के बाद अब बीएमसी ने नई होर्डिंग पॉलिसी की घोषणा की है। नई होर्डिंग गाईड लाइन में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। अब ऐसे किसी भी तरीके से विज्ञापन दिखाने की अनुमति नहीं होगी, जो हादसे का कारण बन सकते हैं।

अब ये करने की अनुमति नहीं

नई पॉलिसी के तहत मुम्बई शहर में अब 40×40 फीट से बड़े आकार के विज्ञापन होर्डिंग्स लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही फुटपाथ तथा इमारतों की छतों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डिजिटल विज्ञापन फलकों (डिजिटल होर्डिंग्स) की चमक (ल्यूमिनेंस रेशियो) 3:1 के अनुपात से अधिक नहीं रखी जा सकेगी। इसके साथ ही, झिलमिलाती (फ्लिकरिंग) विज्ञापनों को प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं होगी।

इन जगहों पर विज्ञापन लगाने की अनुमति

मॉल्स, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कमर्शियल बिल्डिंग्स तथा पेट्रोल पंपों पर एलईडी विज्ञापन प्रदर्शित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, निर्माणाधीन तथा मरम्मत कार्य चल रहे बिल्डिंग के कंपाउंड वॉल और इमारतों के बाहरी हिस्सों पर व्यावसायिक एवं अव्यावसायिक दोनों तरह के विज्ञापन प्रदर्शित किए जा सकेंगे।

पहली बार ऐसे होर्डिंग्स को अनुमति

मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार पहली बार एकतरफा (सिंगल) एवं (बैक-टू-बैक) फलकों के साथ-साथ “V” एवं “L” आकार, त्रिकोणी (ट्राय-विजन), चतुर्भुजी (स्क्वायर-विजन), पंचकोणी (पेंटागन-विजन) तथा षट्कोणी (हेक्सागॉन-विजन) स्वरूप के विज्ञापन फलकों को भी आगे चलकर अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस का “नो ऑब्जेक्शन” प्रमाणपत्र आवश्यक होगा। मुम्बई महानगरपालिका के लायसेंस विभाग द्वारा विज्ञापनों को अनुमति देना तथा अनधिकृत विज्ञापनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है।

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