A
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. Mumbai Acid Attack Malad: महज 600 रुपये की उधारी के चक्कर में 'जंग'! मजदूरों ने एक-दूसरे पर फेंका तेजाब, बुरी तरह झुलसे

Mumbai Acid Attack Malad: महज 600 रुपये की उधारी के चक्कर में 'जंग'! मजदूरों ने एक-दूसरे पर फेंका तेजाब, बुरी तरह झुलसे

Malad Plating Unit Workers Clash: मुंबई के मालाड इलाके में 600 रुपये की उधारी को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हो गई। यहां एक पक्ष ने दूसरे पर तेजाब फेंक दिया, जिसमें 8 लोग घायल हो गए। वारदात के बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट किया गया है।

Mumbai acid attack Malad- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT मुंबई की एक कंपनी ने मजदूरों ने तेजाब की होली खेली।

Kuraar Acid Attack Case: मुंबई के मालाड पूर्व स्थित प्रभाग क्रमांक 42, पालनगर इलाके से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां बड़ी संख्या में चल रही अवैध प्लेटिंग कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों के बीच हुए मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि इलाके में करीब 100 से 125 प्लेटिंग यूनिट्स स्थानीय नेताओं और प्रशासन की कथित सहमति से खुलेआम संचालित हो रही हैं, जहां खतरनाक एसिड का इस्तेमाल किया जाता है। यही एसिड, मजदूरों ने 600 रुपये को लेकर शुरू हुए झगड़े के बाद एक-दूसरे पर फेंका।

कहासुनी के बाद एक-दूसरे पर फेंका तेजाब

दरअसल, आज (गुरुवार को) एक कंपनी में काम कर रहे मजदूरों के बीच छोटी सी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते बड़े संघर्ष में बदल गई। इस दौरान आरोप है कि मजदूरों ने एक-दूसरे पर एसिड फेंकना शुरू कर दिया। घटनास्थल मुख्य सड़क पर होने के कारण वहां से गुजर रहे आम लोग भी एसिड गिरने से झुलस गए।

एसिड अटैक में 8 लोग हो गए घायल

विवाद के बाद, संदीप सरोज नामक युवक को गंभीर हालत में माऊली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। करीब 7 अन्य घायलों का इलाज महानगरपालिका के शताब्दी हॉस्पिटल में चल रहा है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन कई लोग झुलस गए हैं।

पुलिस ने 1 आरोपी को किया गिरफ्तार

इस घटना के बारे में सूचना मिलते ही कुरार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। कुरार पुलिस ने समर बहादुर राजकुमार सिंह नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त किया गया है।

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल

इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की है। यहां तक कि जो आम लोग सड़क से गुजर रहे थे और एसिड की चपेट में आए, उन्हें भी आरोपी बना दिया गया। मुख्य आरोपी के रूप में साधू चव्हाण का नाम सामने आ रहा है।

अवैध कंपनियों को लेकर स्थानीय लोग नाराज

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध कंपनियां चल रही हैं, क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। एसिड जैसे खतरनाक केमिकल का खुलेआम इस्तेमाल कैसे हो रहा है। क्या इसमें भ्रष्टाचार और मिलीभगत है।

लोकल लोगों ने की ये डिमांड

स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें हैं कि इलाके की सभी अवैध प्लेटिंग कंपनियों की तत्काल जांच की जाए। एसिड के अवैध इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीने के पानी का औद्योगिक उपयोग बंद किया जाए। बाल मजदूरी कराने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के उपाय किए जाएं। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में इससे भी बड़ी और जानलेवा घटना हो सकती है।

ये भी पढ़ें- लव मैरिज का खौफनाक अंत, पत्नी ने गला दबाकर ली पति की जान, 11 साल पहले धर्म की दीवार तोड़कर की थी शादी!