दशहरा पर उद्धव ठाकरे बोले- "हमें दिल्ली के तख्त पर भी भगवा लहराना है", शिंदे बोले- "आप तो पीछे के दरवाजे से मुख्यमंत्री बने"
दशहरा के मौके पर जहां एक तरफ उद्धव ठाकरे ने दिल्ली के तख्त पर भगवा लहराने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे ने उद्धव पर हमला बोलते हुए कहा कि आपने कौन सा चुनाव लड़ा, पीछे के दरवाजे से मुख्यमंत्री बन गए।

मुंबई: दशहरे के मौके पर शिवसेना यूबीटी के नेता उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने कहा, "सब जगह भगवा माहौल है। ये भगवा हमें सिर्फ महाराष्ट्र के विधान भवन में नहीं बल्कि दिल्ली के तख्त पर भी लहराना है।" एक तरफ उद्धव ठाकरे विजयादशमी और दशहरे के मौके पर फायर मोड में नजर आए तो वहीं दूसरी तरफ शिंदे ने भी अपने संबोधन में उद्धव पर जमकर निशाना और सूखे और अन्य बातों को लेकर सफाई पेश की।
उद्धव ने सूखे का मुद्दा उठाया
उद्धव ठाकरे ने कहा, "महाराष्ट्र में सूखे के हालात हैं। आने वाला सूखा बहुत भयावह होने वाला है और ये डबल इंजन की सरकार यहां पर बैठी है, सिर्फ घोषणा कर रही है। पिछले साल मूसलाधार बारिश हुई थी, किसानों का भारी नुकसान हुआ था, सब कुछ बह गया था। तब इस मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी इतिहास का सबसे बड़ा पैकेज दिया जाएगा, तीस या बत्तीस हजार करोड़ का। कितने लोगों को पैसे दिए, पीक बीमा कितने लोगों को मिला? पांच हजार रुपये देने की घोषणा की, क्या होगा पांच हजार रुपये में? क्या मजाक किया जा रहा है किसानों का?"
उद्धव ने टाइगर श्रॉफ को लेकर भी दिया बयान
उद्धव ठाकरे ने कहा, "टाइगर श्रॉफ पर कल-परसों हमला हुआ। शिंदे तुरंत गए वहां पर चमकने के लिए। ये तो गनीमत रही कि एक बच्चे को गोली लगी और वो बच गया। किस तरह से आप सरकार चला रहे हो? गुस्सा इसी बात का आता है कि पुलिस हो या बाकी सभी संस्थाएं, इन्हें सिर्फ नौकर बनाकर रखा है। किसलिए आपकी नाकाबंदी रहती है? नवरात्रि शुरू है। क्या इन पुलिसवालों को हथियार लेकर आने वाले ये गुंडे दिखे नहीं? कैसे हथियार लेकर ये लोग मुंबई आए? पकड़े आपने जरूर, लेकिन अगर कोई मर गया होता तो किस मुंह से आप कुछ कहते?"
उद्धव ठाकरे ने कहा, "अब आप आरोपियों को पकड़ने का डंका बजा रहे हैं, लेकिन वो हथियार लेकर मुंबई में घुसे कैसे? लेकिन किसी को कोई शर्म नहीं है। इसी महीने के पहले हफ्ते में हमारी महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट में एक दावा किया है, कहा है कि महाराष्ट्र अब शहरी नक्सलियों का केंद्र बना है। महाराष्ट्र के इस शहर में शहरी नक्सलवाद है? ये जो गुंडे आए थे, ये आपके यूपी वगैरह वहां से आए थे। जाते वक्त आपने पकड़े, लेकिन जब आ रहे थे तब आप पकड़ पाए? और ऊपर से वो विश्नोई हमेशा का ढोकला और फाफड़ा खा रहा है साबरमती जेल में, और उनके गुंडे कह रहे हैं कि हमारे पास सत्तर हजार शूटर हैं। फडणवीस जी, अगर आपमें जरा भी हिम्मत होगी तो जाओ साबरमती में और आपका जो बाप बैठा है, उनके सामने इस विश्नोई को आप खींचकर लाएं और फिर हमारे सामने बातें कहें। लेकिन किसी का खून खौल नहीं रहा, किसी को कुछ लगता नहीं। मेरे महाराष्ट्र को आप शहरी नक्सलवाद कहते हैं।"
उद्धव ने रिजीम चेंज पर क्या कहा? ज्ञानेश कुमार का भी किया जिक्र
उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर सीमा पर खड़े सैनिकों के नाम आप काट रहे हैं, तो फिर रिजीम चेंज करेंगे तो नहीं, क्या करेंगे? उद्धव ने कहा कि हां, हम रिजीम चेंज करेंगे। तेरह करोड़ लोगो के नाम काट दिए ? क्या ये तेरह करोड़ ये वो लोग हैं जो वंदे मातरम् नहीं बोलते? लेकिन आप मनमानी तरीके से कारोबार-कामकाज चला रहे हैं, जो मन में आए वो कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा। विवेक भीमनवर एमपीसी को उनको छुट्टी पर भेज दिया, लेकिन अभी तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे हैं? रावण के दस सिर थे। एक को मारा गया तो दूसरा उठ जाता था। फिर भी विभीषण आया और उसने बोला कि रावण की जान उसकी नाभि में है। वैसे मोदी-शाह की नाभि ज्ञानेश कुमार है, इसलिए इसको बचा रहे हैं।"
उद्धव ठाकरे ने कहा, "बच्चों को कमजोर मत समझिए। मर भी गए, तब भी अब हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। छोटे-छोटे बच्चों को लेकर माता-पिता आंदोलन में उतर रहे हैं। आंदोलन करने वाले लोग क्रांतिकारी हैं।" उन्होंने महाराष्ट्र की भाषा को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की भाषा गुजराती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमारे दाढ़ी वाले बैठे-बैठे खुजली कर रहे थे। ये लोग हमें हिंदुत्व सिखाएंगे, जिनकी हालत खुद दुम हिलाने जैसी हो गई है। अमित शाह तमिलनाडु वहां लोग कहते हैं, माफ करो, मुझे तमिल नहीं आती। महाराष्ट्र राज्य लाचार लोगों का राज्य बिल्कुल नहीं है।
एकनाथ शिंदे का भी सामने आया बयान
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, "महाराष्ट्र का किसान सूखे की वजह से परेशान है। शिवसैनिक खाली हाथ नहीं जाएगा, जब भी जाएगा किसानों के पास कुछ लेकर जाएगा। इसीलिए हमने आज 100 ट्रक भरकर मदद भेज दी है। इसके बाद दूसरी फेरी जाएगी। मैं खुद किसान का बेटा हूं। कैसे उन्हें दुखी देख सकता हूं। त्योहार बगल में रखो पहले किसानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाओ। मुझे लोग रोज गालियां दे रहे हैं, सुबह होते ही गाली देना शुरू कर देते हैं। पर हम किसानों को राशन दे रहे हैं, उनके आंसू पोछ रहे हैं।"
शिंदे ने उद्धव पर निशाना साधा
शिंदे ने उद्धव पर निशाना साधते हुए कहा, "आपने कौन सा चुनाव लड़ा, पीछे के दरवाजे से मुख्यमंत्री बन गए।"
पाकिस्तान और आतंकवाद पर बयान
शिंदे ने कहा कि 2014 से पहले देश ने बम धमाके और कसाब का हमला देखा है। पहले आतंकवादी हमलों के बाद सिर्फ पत्र लिखे जाते थे, लेकिन अब हमले करने वालों को सबक सिखाने का काम किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि आज पाकिस्तान भीख मांग रहा है। शिंदे ने कहा कि कम से कम देश को इस पर गर्व तो करना चाहिए। बालासाहेब ठाकरे के समय पाकिस्तान सिर्फ एक व्यक्ति से डरता था। पहलगाम हमले के बाद हम मदद के लिए वहां पहुंचे थे। हम भागने वालों में से नहीं, बल्कि दूसरों को बचाने वालों में से हैं।
संकट में शिवसेना और एकनाथ शिंदे
शिंदे ने कहा कि इजरायल और नेपाल से भी लोगों को वापस लाने का काम किया। जहां संकट, वहां शिवसेना; जहां आपदा, वहां एकनाथ शिंदे। आज शिवसेना के 15 सांसद, 74 विधायक और 1,000 से अधिक नगरसेवक हैं। यह बालासाहेब ठाकरे की ताकत है।
‘ऑपरेशन’ को लेकर विपक्ष पर तंज
शिंदे ने कहा, "पत्रकार मुझसे पूछते हैं कि ऑपरेशन 1 और 2 हो गए, अब ऑपरेशन 3.0 कब होगा? हम ऑपरेशन की तारीख पहले से बताकर काम नहीं करते। डॉक्टर तारीख बताते हैं, लेकिन हम सीधे ऑपरेशन करते हैं।" श्रीकांत शिंदे का जिक्र करते हुए कहा, वह वहां बैठा है। मैं डॉक्टर नहीं हूं, लेकिन बड़े-बड़े ऑपरेशन करता हूं।
शिवसेना में नेताओं के शामिल होने पर बयान
लोगों के शिवसेना में शामिल होने पर शिंदे ने कहा कि इस पर विचार करना चाहिए कि आखिर लोग क्यों आ रहे हैं। शिवसेना में शामिल होने के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश ने रिटायरमेंट के बाद शिवसेना में प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि न्यायदान करने वाले लोग भी शिवसेना में आ रहे हैं। शिंदे ने कहा कि कानूनी लड़ाई की चिंता मत कीजिए, अब यह आप मुझ पर छोड़ दीजिए।
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