1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. मुंबई-नासिक हाईवे के गड्ढे ने ली TDRF जवान की जान, कोहिनूर हादसे में बचाई थीं कई जिंदगियां

मुंबई-नासिक हाईवे के गड्ढे ने ली TDRF जवान की जान, कोहिनूर हादसे में बचाई थीं कई जिंदगियां

मुंबई-नासिक हाईवे पर सड़क पर बने गहरे गड्ढे में बाइक फंसने से TDRF के जवान की मौत हो गई। वह बाइक से कंट्रोल खो बैठे और सड़क पर गिरकर डिवाइडर से जोर से टकरा गए।

जवान विकास लहू गोरे की मौत- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT जवान विकास लहू गोरे की मौत

महाराष्ट्र में मुंबई-नासिक हाईवे पर गड्ढों की समस्या ने एक और जान ले ली। ठाणे TDRF (ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) के 31 वर्षीय जवान विकास लहू गोरे की शाहपुर तालुका में भारंगी नदी के पुल के पास एक गड्ढे में बाइक फंसने से एक्सीडेंट में मौत हो गई। बामने गांव के रहने वाले विकास गोरे सोमवार सुबह अपनी ड्यूटी करने के लिए काम पर निकले थे। 

आज यानी गुरुवार सुबह विकास गोरे मुंबई-नासिक हाईवे पर शाहपुर तालुका में भारंगी नदी पर बने पुल के पास अपनी बुलेट बाइक पर ड्यूटी पर थे, तभी उनकी बाइक सड़क पर बड़े गड्ढे में जा घुसी। इस वजह से, वह बाइक से कंट्रोल खो बैठे और सड़क पर गिरकर डिवाइडर से जोर से टकरा गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद, स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत शाहपुर उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने भिवंडी में कोहिनूर बिल्डिंग हादसे में दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी। हालांकि, दूसरों की जान बचा रहे इस जवान की जान हाईवे पर बने गड्ढे की वजह से चली गई। इस घटना से इलाके में हंगामा हो रहा है और हाईवे पर गड्ढों के मुद्दे पर एक बार फिर गुस्सा जाहिर किया जा रहा है।

कोहिनूर बिल्डिंग हादसा, 10 की हुई थी मौत

मुंबई के पास भिवंडी में गुरुवार रात कोहिनूर नाम की एक 4 मंजिला रिहायशी इमारत भरभरा कर ढह गई थी। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। भिवंडी की कोहिनूर बिल्डिंग के मलबे में दबे सभी 10 लोगों के शवों को एनडीआरएफ ने शुक्रवार शाम तक बाहर निकाल लिया। सभी 10 शवों को भिवंडी के इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल में रखा गया है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने खुलासा किया कि पिछले कुछ दिनों से इस पुरानी इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। ठेकेदार और मजदूरों ने मरम्मत के दौरान इमारत के 3 पिलर तोड़ दिए थे। पिलर टूटने की वजह से इमारत की नींव कमजोर हो गई और वो अपना संतुलन खोकर पूरी तरह जमींदोज हो गई। इमारत ढहने से ठीक पहले कुछ सुगबुगाहट और आवाज हुई थी। खतरा भांपते ही ज्यादातर रहवासी समय रहते इमारत से बाहर भाग निकले थे, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया।

ये भी पढ़ें-

गुजरात के मांजलपुर उपचुनाव में BJP की बंपर जीत, 30 हजार से अधिक वोटों से जीते सतीश पटेल

दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6000 से ज्यादा वोटों से जीते, भाजपा के आशुतोष तिवारी की हार