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Hindi News महाराष्ट्र Punyeshwar temple Controversy: ज्ञानवापी विवाद के बीच महाराष्ट्र में उठा पुण्येश्वर मंदिर का मामला, मनसे का दावा- यहां मंदिर को ध्वस्त बने दरगाह

Punyeshwar temple Controversy: ज्ञानवापी विवाद के बीच महाराष्ट्र में उठा पुण्येश्वर मंदिर का मामला, मनसे का दावा- यहां मंदिर को ध्वस्त बने दरगाह

Punyeshwar temple Controversy: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के पुणे शहर में पुण्येश्वर मंदिर की जमीन पर दो दरगाह बनाई गई हैं। मनसे महासचिव अजय शिंदे ने कहा कि उन्होंने 'पुण्येश्वर मुक्ति' अभियान शुरू किया है।  

Pune dargah- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO Pune dargah

Highlights

  • ज्ञानवापी विवाद के बीच महाराष्ट्र में उठा पुण्येश्वर मंदिर का मामला
  • मनसे का दावा पुण्येश्वर मंदिर की जमीन पर दो दरगाह बनाई गई
  • अलाउद्दीन खिलजी के कमांडर ने मंदिरों को ध्वस्त किया: मनसे

Punyeshwar temple Controversy: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के पुणे शहर में पुण्येश्वर मंदिर की जमीन पर दो दरगाह बनाई गई हैं। मनसे महासचिव अजय शिंदे ने रविवार को कहा कि उन्होंने 'पुण्येश्वर मुक्ति' अभियान शुरू किया है और उन्होंने लोगों से इस कदम में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी की लड़ाई का समर्थन करने की अपील की।

शिंदे ने ज्ञानवापी मस्जिद के हालिया सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि हिंदुत्व पर राज ठाकरे के रुख को देखते हुए सरकार की नींद टूटनी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, 'हम ज्ञानवापी की तरह पुणे में पुण्येश्वर मंदिर के लिए भी लड़ रहे हैं।' शिंदे ने दावा किया कि खिलजी वंश के शासक अलाउद्दीन खिलजी के एक कमांडर ने पुणे में पुण्येश्वर और नारायणेश्वर मंदिरों को ध्वस्त कर दिया था और बाद में इस जमीन पर दरगाहों का निर्माण किया गया था। 

इससे पहले रविवार को पुणे में जनसभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर करने की मांग थी। राज ठाकरे ने कहा था कि पीएम मोदी से विनती है वे युनिफॉर्म सिविल कोड UCC लेकर आएं। औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर करें, ताकि शिवसेना की सियासत खत्म हो। राज ने कहा कि शिवसेना ने एआईएमआईएम को संरक्षण दिया। शिवसेना को यह समझ नहीं आया कि उन्होंने ये गलत किया है। ये लोग यहां आकर औरंगजेब की कब्र पर माथा टेकते हैं। इन्हें शर्म आनी चाहिए।