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सांप काटने से बच्चियों की मौत से लेकर हॉस्टल के प्रेग्नेंसी टेस्ट तक, राहुल गांधी के आरोपों पर महाराष्ट्र सरकार का पलटवार

महाराष्ट्र सरकार ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान पहले ही किया जा चुका था। सरकार ने छात्राओं के प्रेग्नेंसी टेस्ट के आरोप को भी गलत बताया।

Rahul Gandhi- India TV Hindi
Image Source : PTI राहुल गांधी

महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखी चिट्ठी में आदिवासी छात्रों के हॉस्टल और आश्रमशालाओं की बदहाल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता खराब है और सफाई व सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

राहुल गांधी ने गढ़चिरौली की एक आश्रमशाला का भी जिक्र किया, जहां कुछ दिन पहले सांप के काटने से तीन बच्चियों की मौत हुई थी। राहुल ने दावा किया कि राज्य में 28 आदिवासी छात्र सांप के काटने की घटनाओं में जान गंवा चुके हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या आदिवासी छात्रों को हॉस्टल और आश्रमशालाओं में सांप-बिच्छुओं से भी सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में यह भी आरोप लगाया कि 30 साल से कम उम्र के आदिवासी छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि लंबी छुट्टी के बाद हॉस्टल लौटने वाली छात्राओं का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया जाता है। राहुल ने इसे आदिवासी छात्राओं के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।

सरकार का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर महाराष्ट्र सरकार ने तत्काल पलटवार किया। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने राहुल गांधी पर बिना पूरी जानकारी के मुद्दा उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले होमवर्क नहीं करते और बाद में झूठ का मंच सजाते हैं।

उइके के मुताबिक, पुणे में राहुल गांधी का कार्यक्रम होने से पहले ही आदिवासी छात्रों का आंदोलन खत्म हो चुका था और सरकार उनकी समस्याओं का समाधान कर चुकी थी। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को जमीनी स्थिति की पूरी जानकारी नहीं दी।

प्रेग्नेंसी टेस्ट के आरोप को भी मंत्री ने पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक छुट्टी पर रहने वाली छात्राओं का मेडिकल परीक्षण किया जाता है, लेकिन इसमें प्रेग्नेंसी टेस्ट नहीं किया जाता।

आश्रमशाला के कांग्रेस से जुड़े होने की बात

मामला उस वक्त और राजनीतिक हो गया, जब राहुल गांधी के पत्र में संदर्भित गढ़चिरौली की आश्रमशाला के कांग्रेस से जुड़े होने की बात सामने आई। दावा है कि आश्रमशाला के निदेशक कांग्रेस के पूर्व सांसद मारोत राव कोवासे हैं, जबकि उनके बेटे विश्वजीत कोवासे कांग्रेस के गढ़चिरौली जिला अध्यक्ष होने के साथ स्कूल के सचिव भी हैं।

गढ़चिरौली में बच्चियों की मौत के मामले में दर्ज एफआईआर में मारोत राव कोवासे और विश्वजीत कोवासे समेत पांच लोगों के नाम होने की बात सामने आई है। मामले में दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि संबंधित आश्रमशाला की मान्यता भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है।

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