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शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, शनिदेव का केवल ब्रांडेड तेल से ही किया जाएगा अभिषेक

शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रंस्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल 1 मार्च से शनिदेव का केवल ब्रांडेड खाद्य तेल से अभिषेक किया जाएगा। ब्रांडेड तेल का इस्तेमाल नहीं किए जाने पर शनिदेव के अभिषेक करने की अनुमति नहीं होगी।

Shani Shingnapur Temple Trusts big decision Shanidev will be anointed only with branded oil- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला

शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट और ग्रामसभा ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि 1 मार्च 2025 से शनि देव की शिला पर केवल ब्रांडेड खाद्य तेल से ही अभिषेक किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिला की सुरक्षा और संरचना को बनाए रखना है, क्योंकि मिलावटी या अन्य प्रकार के तेलों में मौजूद पैराफिन जैसे तत्व शिला को नुकसान पहुंचा सकते हैं। शनि शिंगणापुर में शनि देव की शिला पर तेल से अभिषेक करने की परंपरा लगभग 400 वर्षों से चली आ रही है। श्रद्धालु दूर-दूर से आकर शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए तेल चढ़ाते हैं। हालांकि, समय के साथ विभिन्न प्रकार के तेलों के उपयोग से शिला की संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ गई है।

शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला

मंदिर ट्रस्ट और ग्रामसभा ने मिलकर निर्णय लिया है कि अब से केवल ब्रांडेड खाद्य तेल का ही उपयोग अभिषेक के लिए किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि तेल शुद्ध और मिलावट रहित हो, जिससे शिला की दीर्घकालिक सुरक्षा बनी रहे। श्रद्धालुओं द्वारा लाए गए तेल की गुणवत्ता पर संदेह होने पर, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा या फिर भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। स्थानीय दुकानदारों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि भगवान की सेवा सर्वोपरि है और यदि हम अपने उपभोग के लिए शुद्ध तेल का उपयोग करते हैं, तो भगवान के अभिषेक के लिए भी शुद्ध तेल का उपयोग करना उचित है। 

स्थानीय व्यापारियों ने किया फैसले का स्वागत

एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, "पहले हमारे लिए भगवान हैं, अगर भगवान नहीं तो कुछ नहीं। हम खाना खाने के लिए अच्छे तेल का इस्तेमाल करते हैं, तो वही देव की शिला के लिए क्यों नहीं कर सकते?" वर्तमान में शिला पर चढ़ाए गए तेल को 20,000 लीटर की टंकी में संग्रहित किया जाता है। इस तेल के निस्तारण के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें व्यापारी से यह बांड लिया जाता है कि यह तेल खाद्य उपयोग के लिए नहीं है और इसे बायप्रोडक्ट्स के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ब्रांडेड खाद्य तेल के उपयोग के बाद भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।