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BMC चुनाव: संकट में है ठाकरे का गढ़, वरली में बागी करेंगे खेला? जानें कैसे बदला राजनीतिक समीकरण

शिवसेना के लिए अपने ही गढ़ वरली में निकाय चुनाव जीत पाना मुश्किल लग रहा है। यहां बागी नेताओं के द्वारा नामांकन किए जाने के बाद पूरा राजनीतिक समीकरण पलट सकता है।

ठाकरे सेना की बढ़ी मुश्किलें। - India TV Hindi
Image Source : PTI ठाकरे सेना की बढ़ी मुश्किलें।

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में 15 जनवरी को मतदान होना है। इसे लेकर सभी राजनीतिक दल पूरी तैयारी में जुट गए हैं। बीएमसी में भी चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि इस बार बीएमसी चुनाव में सबसे हाई प्रोफाईल एरिया वरली विधानसभा क्षेत्र बना हुआ है। यहां वरली विधानसभा में बीएमसी के कुल 6 वॉर्ड हैं। वरली, शिवसेना (UBT) का परंपरागत गढ़ रहा है। आदित्य ठाकरे यहां से विधायक हैं। इसी क्षेत्र के दो स्थानीय नेताओं को ठाकरे ने MLC बनाया है। यानी ठाकरे सेना के यहां कुल 3 विधायक हैं।

बागी नेताओं ने किया खेला

इसके बावजूद ठाकरे सेना को बीएमसी चुनाव में सबसे बड़ी बग़ावत का सामना वरली में करना पड़ रहा है। वरली के 6 में से कुल 4 वॉर्ड में ठाकरे के बागी नेताओं ने बतौर निर्दलिय नामांकन दाखिल किया है। बागी नेताओं के पर्चा भरने के पीछे बड़ी वजह यह है कि टिकट बंटवारे में उद्धव ठाकरे ने पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के बजाय इलाके के रसूखदार सियासी नेताओं के परिजनों को टिकट दिया, जिससे नाराजगी बढ़ गई। आदित्य ठाकरे के लाख मानने के बावजूद भी बागियों ने नामांकन पीछे नहीं लिया। 

ठाकरे सेना की बढ़ी मुश्किलें

चारों बादी उम्मीदवारों की यहां इलाके में अच्छी पकड़ है। अब इसी वरली इलाके के एमएनएस के प्रभावशाली नेता संतोष धूरी के बीजेपी में शामिल होने के संकेत के बाद ठाकरे सेना की यहां मुश्किलें और बढ़ने वाली है। गौरतलब है कि 2024 विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे वरली विधानसभा सीट महज 8801 वोट से जीत पाए थे। अब निर्दलीय बड़े पैमाने पर ठाकरे को यहां चोट पहुंचा सकते हैं। एमएनएस के साथ गठबंधन की वजह से उद्धव सेना यहां शायद थोड़ा डैमेज कंट्रोल कर लेगी, लेकिन बागी उम्मीदवारों की वजह से इस बार यहां जीत हासिल करना ठाकरे के लिए हर बार की तरह आसान नहीं होगा।

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