महाराष्ट्र के मुंब्रा में एक बकरे को बचाने के लिए लोगों ने अपनी जान दांव पर लगा दी। अंत में वह बकरे को बचाने में सफल भी रहे। हालांकि, बकरीद के मौके पर उसकी कुर्बानी भी दी जा सकती है। बकरे को बचाने वाले लोगों की तरफ से कुर्बानी को लेकर कोई जानकारी नहीं आई है, लेकिन बकरीद से पहले उसे बचाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना मुंब्रा के कौसा इलाके की अलमास कॉलोनी की है। यहां सूफी बिल्डिंग में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक बकरे की दर्दभरी आवाजें सुनाई देने लगीं। आवाज की दिशा में पहुंचे लोगों ने जो दृश्य देखा, उसे देखकर सभी हैरान रह गए। बिल्डिंग की तीसरी मंजिल की छत से एक बकरा हवा में लटका हुआ था और किसी भी वक्त नीचे गिर सकता था।
स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू
मामला तब चर्चा में आया जब स्थानीय पशु कल्याण संस्था “सेव आवर स्ट्रेज ऑफ मुंब्रा” ने इसका वीडियो अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया। वीडियो में कुछ स्थानीय युवक बहादुरी दिखाते हुए इमारत की छत से नीचे उतरकर फंसे हुए बकरे तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत मोर्चा संभाला। मौके पर मौजूद युवाओं की टीम ने बिना देर किए रस्सियों और देसी जुगाड़ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ लोगों ने ऊपर से रस्सी संभाली, जबकि अन्य ने नीचे से बकरे को सहारा दिया। कड़ी मेहनत और सूझबूझ के बाद आखिरकार बकरे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस साहसी रेस्क्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जान दांव पर लगाकर बकरे को बचाया
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि रेस्क्यू कर रहे युवकों के पास किसी तरह का सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने जोखिम उठाते हुए बेहद संकरी जगह तक पहुंचकर बकरे को संभालने का प्रयास किया, जो नीचे गिरने के बेहद करीब था। इस दौरान नीचे मौजूद लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई। वे लगातार आवाज लगाकर युवकों को सावधानी बरतने और सही तरीका अपनाने की सलाह देते रहे। लोगों के सुझाव पर एक व्यक्ति पास की खिड़की से बाहर निकलकर बकरे को मजबूती से पकड़ने में जुट गया, जबकि बाकी युवक ऊपर से उसे सुरक्षित बाहर निकालने में लगे रहे। काफी मशक्कत, सूझबूझ और आपसी तालमेल के बाद आखिरकार बकरे को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में उसे कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची। स्थानीय युवकों की बहादुरी और लोगों के सहयोग ने एक बेजुबान जानवर की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की।
(मुंब्रा से सय्यद नकी हसन की रिपोर्ट)
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