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50 पैसे प्रति किलो का भाव... 600 KG प्याज बेचकर किसान को मिले सिर्फ 301 रुपये, 1082 रुपये खर्च अपनी जेब से दिए

 Published : May 24, 2026 08:03 pm IST,  Updated : May 24, 2026 08:13 pm IST

पीड़ित किसान ने बताया कि प्याज बिक्री से मिलने वाले पैसों से ट्रैक्टर की किस्त भरनी थी। उसे इस खेती में पूरी तरह घाटा हुआ है। अब पीड़ित किसान ने सरकार से मदद की मांग की है।

प्याज के मिले भाव से दुखी किसान- India TV Hindi
प्याज के मिले भाव से दुखी किसान Image Source : REPORTER INPUT

प्याज के दाम गिरने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र के बीड जिले के धारूर तहसील के अरणवाडी गांव के किसान संतोष शिनगारे को सोलापुर की मंडी में करीब 600 किलो प्याज बेचने के बाद सिर्फ 301 रुपये मिले हैं। बाजार में प्याज का सिर्फ 50 पैसे प्रति किलो का भाव मिला। 

1082 रुपये अपनी जेब से देने पड़े

किसान को ढुलाई और हमाली (मजदूरी शुल्क) के 1082 रुपये किसान को अपनी जेब से भरने पड़े। प्याज बेचकर मिलने वाले पैसों से शिनगारे को ट्रैक्टर की किस्त भरनी थी, लेकिन अब मंडी तक प्याज पहुंचाने के लिए भी उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़े।

अभी भी करीब 10 टन प्याज पड़ा हुआ

शिनगारे के पास अभी भी करीब 10 टन प्याज पड़ा हुआ है, जिसे लेकर अब उनके सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिनगारे ने सरकार से प्याज उत्पादक किसानों को मदद देने की मांग की है।

12 बोरियों में भेजा 602 किलो प्याज

दरअसल, बीड जिले के धारूर तहसील के अरणवाडी गांव के किसान संतोष शिनगारे ने अपने खेत में प्याज की खेती की थी। फसल अच्छी होने के बाद उन्होंने पहली बार सोलापुर मंडी में 12 बोरियों में 602 किलो प्याज भेजा था।

अपनी जेब से देने पड़े 1080 रुपये

वहां प्याज को सिर्फ 50 पैसे प्रति किलो का भाव मिला, जिससे उन्हें कुल 301 रुपये प्राप्त हुए, जबकि इस प्याज को मंडी तक पहुंचाने में 1383 रुपये खर्च हुए। यानी प्याज बिक्री से मिले 301 रुपये काटने के बाद भी शिनगारे को अपनी जेब से 1082 रुपये देने पड़े।

अब सरकार से मदद की मांग

किसानों की ऐसी हालत को देखते हुए शिनगारे ने सरकार से मदद की मांग की है। शिनगारे ने बताया कि उसे प्याज बिक्री से मिलने वाले पैसों से ट्रैक्टर की किस्त भरनी थी। सरकार को प्याज की खेती करने वाले किसानों की मदद करनी चाहिए।

आमिर हुसैन की रिपोर्ट

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