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"बाकी सब लेफ्ट में चले गए, इसलिए मैं राइट में आ गया", राज और उद्धव ठाकरे के साथ मंच शेयर कर CM फडणवीस ने ली चुटकी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक ही मंच पर पहुंचे। इस दौरान फडणवीस ने मजाक में कहा, "बाकी सब लेफ्ट में चले गए, इसलिए मैं राइट में आ गया।" कार्यक्रम में तीनों नेताओं ने राजनीतिक मतभेद भुलाकर हंसी-मजाक किया।

मुंबई में 'द लाफ्टर लाइंस ऑफ महाराष्ट्र'- India TV Hindi
Image Source : PTI मुंबई में 'द लाफ्टर लाइंस ऑफ महाराष्ट्र' किताब के विमोचन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे

मुंबई के दादर स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक सभागृह में ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ पुस्तक का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए। महाराष्ट्र के कला एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान तीनों नेताओं ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर एक-दूसरे पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणियां कीं।

राज ठाकरे ने फडणवीस की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर की टिप्पणी

कार्यक्रम में राज ठाकरे ने आशीष शेलार के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके कहने पर मुख्यमंत्री कार्यक्रम में आए हैं। राज ठाकरे ने मजाकिया अंदाज में कहा, “आशीष शेलार ने अभी बताया कि मैंने मुख्यमंत्री से कहा और मुख्यमंत्री आ गए। उनका कहना है कि अब आगे भी मैं मुख्यमंत्री को बुलाता रहूंगा और वे आते रहेंगे। मैं बस शेलार से इतना ही कहूंगा कि 2029 तक उनको यही रखो।”

राज ठाकरे ने अपने कॉलेज के दिनों और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े एक किस्से को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन साल तक जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स में पढ़ाई की, लेकिन बाद में पढ़ाई छोड़ दी। इस कारण वह स्नातक नहीं हैं, फिर भी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि एक बार प्रमोद नवलकर ने उन्हें स्नातक एमएलसी उम्मीदवार का फॉर्म दिखाया था। उसमें आखिर में लिखा था कि उम्मीदवार हस्ताक्षर करे या अंगूठा लगाए। राज ठाकरे ने इस पर तंज कसते हुए कहा, “स्नातक सीट के लिए उम्मीदवार स्नातक हो, यह जरूरी नहीं। मतलब क्या? मेरा भारत महान। कुछ नहीं हो सकता। वह फॉर्म ही एक व्यंग्यचित्र है।”

राज ठाकरे ने एक ही मंच पर तीनों नेताओं की मौजूदगी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि रोज एक-दूसरे पर टिप्पणी करने वाले और आपस में लड़ने वाले नेता एक मंच पर कैसे आ गए, यह चर्चा का विषय और ब्रेकिंग न्यूज है। हालांकि, कई ऐसे मंच होते हैं, जहां राजनीतिक मतभेदों को छोड़कर एक साथ आना पड़ता है। ये मंच कभी कला के होते हैं, कभी संगीत के और कभी शादियों के- अपनी नहीं, दूसरों की शादियों के। उन्होंने कहा कि रोज एक दूसरे पर टिप्पणी करने वाले राजनीतिक मतभेद छोड़कर एक साथ ऐसे कार्यकम के लिए मंच पर आना ही महाराष्ट्र की संस्कृति है।

फडणवीस मंच की दाईं ओर रखे माइक पर पहुंचकर बोले

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण की शुरुआत में मंच पर खड़े होने की जगह को लेकर मजाक किया। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मंच के बाईं ओर से भाषण दिया, जबकि फडणवीस मंच की दाईं ओर रखे माइक पर पहुंचे। इस पर उन्होंने कहा, “बाकी सब लेफ्ट में चले गए, इसलिए मैं राइट में आ गया हूं।”

आशीष शेलार की इस टिप्पणी पर कि राज ठाकरे फोन करते हैं तो फडणवीस आ जाते हैं, मुख्यमंत्री ने उद्धव ठाकरे पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा, “आशीष जी, 2019 के पहले उद्धव जी ने जब-जब फोन किया और जहां-जहां बुलाया, मैं गया। लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी फोन ही नहीं किया।” फडणवीस ने कहा कि सबसे आखिर में भाषण देने का फायदा यह है कि राज ठाकरे अब उनकी बातों का जवाब नहीं दे पाएंगे।

राज ठाकरे की 2029 वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर किसी को अपने-अपने क्षेत्र में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, “राज ठाकरे एक बेहतरीन कार्टूनिस्ट हैं, इसलिए उन्हें कार्टून बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उद्धव बेहतरीन फोटोग्राफर हैं, तो इन दोनों को मुझे आराम से राजनीति करने देना चाहिए।”

"हम साथ कार्यक्रम कर सकते हैं, हंस सकते हैं और चाय भी पी सकते हैं"

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है कि राजनीतिक विरोधी एक-दूसरे के साथ कार्यक्रम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में नेता एक-दूसरे के साथ कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं, हंस सकते हैं और साथ में चाय भी पी सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में आने का अवसर देने के लिए राज ठाकरे का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने सुझाव दिया था कि पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों होना चाहिए।

कार्टून में अपना पेट बड़ा न दिखाने की राज ठाकरे से की थी गुजारिश

फडणवीस ने कार्टून और व्यंग्यचित्रों पर बात करते हुए कहा कि आज भी कोई कार्टून देखने के बाद लोगों को खुशी मिलती है। अब नेताओं पर भी कार्टून बनने लगे हैं और वे खुद कार्टूनिस्टों के विषय बन गए हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी तस्वीर अच्छी आए, लेकिन कई कार्यक्रमों में जाने के बाद अपना कार्टून देखने को मिल जाता है। उसे चाहे जैसे भी बनाया गया हो, उसे देखकर अच्छा ही लगता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक कार्यक्रम में उन्होंने राज ठाकरे से अनुरोध किया था कि यदि वह कभी उनका कार्टून बनाएं, तो उनकी नाक और कान बड़े बना दें, लेकिन पेट बड़ा न दिखाएं। फडणवीस के मुताबिक, राज ठाकरे ने उनकी बात मान ली और अभी तक उनका बड़ा पेट दिखाने वाला कार्टून नहीं बनाया। हालांकि, उन्होंने मजाक में कहा कि बाकी लोग उनकी बात नहीं मानते और उन्हें सिर्फ उनका पेट ही दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने अपना वजन थोड़ा कम किया है। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि अब शायद कुछ कार्टूनिस्ट इस मामले में उन्हें छोड़ देंगे।

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे पूर्व में कई बार फडणवीस के वजन को लेकर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं।

आशीष शेलार ने उद्धव ठाकरे के कार्टून बनाने का किस्सा सुनाया

कार्यक्रम में आशीष शेलार ने उद्धव ठाकरे के कार्टून बनाने के शौक से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि वह उस दिन पुणे में थे, जहां एक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात बाबासाहेब पुरंदरे के बेटे से हुई। वहां प्रसाद ने उनसे कहा कि उद्धव ठाकरे भी कार्टून बनाया करते थे।

शेलार ने बताया कि इसके बाद उन्होंने उद्धव ठाकरे के कान में इस बारे में पूछा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें उद्धव ठाकरे के कान में कुछ कहने का मौका सात-आठ साल बाद मिला था।

उन्होंने उद्धव ठाकरे से पूछा कि क्या वह भी कार्टून बनाया करते थे। शेलार के मुताबिक, अब उन्हें पता चला कि उद्धव ठाकरे ने इस बात को स्वीकार किया है।

इस पर शेलार ने कहा कि पुस्तक में अभी कुछ पन्ने अधूरे रह गए हैं। उन्होंने प्रशांत कुलकर्णी से उम्मीद जताई कि यदि वह उद्धव ठाकरे के घर से कार्टून बनाने से जुड़ी सामग्री और किस्से जुटा सकें, तो पुस्तक को पूरा किया जा सकता है।

"राज ठाकरे के बुलाने पर मुख्यमंत्री आते हैं"

आशीष शेलार ने बताया कि पुस्तक के विमोचन से पहले प्रशांत कुलकर्णी राज ठाकरे से मिले थे। राज ठाकरे ने उनसे कहा था कि पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों होना चाहिए, क्योंकि इसमें महाराष्ट्र का उल्लेख है। इस प्रसंग का जिक्र करते हुए शेलार ने उद्धव ठाकरे से कहा कि उन्हें भी यह बात समझ लेनी चाहिए कि राज ठाकरे के बुलाने पर मुख्यमंत्री आते हैं। उन्होंने कहा कि कला के लिए सभी नेता एक साथ आ सकते हैं और इस कार्यक्रम के जरिए ऐसा ही एक अच्छा संयोग देखने को मिला है। शेलार ने राज ठाकरे से आग्रह किया कि वह इसी तरह मुख्यमंत्री को बुलाते रहें और उद्धव ठाकरे एवं उन्हें भी बताकर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहें। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रशांत कुलकर्णी या किसी अन्य से जुड़े कला कार्यक्रमों के जरिए सभी को एक साथ आने का अवसर मिल सकता है।

उद्धव ठाकरे ने भी की हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी

कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने मंच पर मौजूद सभी गणमान्य व्यक्तियों और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने राज ठाकरे और आशीष शेलार का जिक्र करते हुए कहा, "राज, दरअसल मैंने आशीष से कहा था कि मैं फुलटॉस छोड़ देता हूं। इसी बीच तुमने ऐसा क्यों किया?" उद्धव ठाकरे ने बताया कि इसकी वजह यह थी कि आशीष शेलार ने कहा था कि उन्हें थोड़ी जल्दी दिल्ली जाना है, इसलिए कार्यक्रम जल्दी खत्म हो जाए तो अच्छा रहेगा। उन्होंने अपनी बात को हल्के-फुल्के अंदाज में रखते हुए कहा कि यह हंसी-मजाक की बात है और एक अलग विषय है।

इस तरह ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ पुस्तक के विमोचन समारोह में महाराष्ट्र की राजनीति के तीन प्रमुख चेहरे एक ही मंच पर नजर आए। कार्टून कला और व्यंग्यचित्रों पर चर्चा के साथ-साथ नेताओं के बीच हुई मजेदार टिप्पणियों ने कार्यक्रम को खास बना दिया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद कला के मंच पर एक साथ हंसने-मुस्कुराने का यह दृश्य भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा।

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