देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी हीरो मोटोकॉर्प आने वाले समय में अपने स्कूटर बिजनेस को आक्रामक तरीके से विस्तार देने जा रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान स्कूटर मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य लोकप्रिय मॉडल की उत्पादन क्षमता दोगुना कर बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना है। कंपनी के सीईओ हर्षवर्धन चिताले ने कहा कि कंपनी तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कंपनी हर महीने करीब 60,000 स्कूटर बेच रही है और आने वाले समय में इस संख्या को 1,00,000 तक पहुंचाने की योजना है।
डेस्टिनी की उत्पादन क्षमता पहले ही 50% बढ़ा चुकी है कंपनी
सीईओ ने कहा कि परंपरागत आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) स्कूटर सेगमेंट में कंपनी ने अपने लोकप्रिय 'डेस्टिनी' मॉडल की उत्पादन क्षमता पहले ही 50 प्रतिशत बढ़ा दी है। इसके अलावा XOOM स्कूटर की क्षमता को दोगुना करने की प्रक्रिया जारी है। कंपनी सिर्फ गाड़ियों का उत्पादन ही नहीं, बल्कि अपने कलपुर्जा और एक्सेसरीज कारोबार को भी मजबूत बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की योजना दक्षिण भारत में 700 करोड़ रुपये के निवेश से एक वैश्विक कलपुर्जा केंद्र खोलने की भी है। इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) कारोबार को लेकर भी कंपनी बड़ी तैयारी में है। उन्होंने बताया कि कंपनी जल्द ही उत्पादन क्षमता विस्तार का अगला चरण पूरा करने वाली है, जिससे पिछली तिमाही की तुलना में क्षमता में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसके बाद अगले कुछ तिमाहियों में इसे फिर से दोगुना करने की योजना है।
इलेक्ट्रिक स्कूटरों का उत्पादन भी बढ़ाएगी कंपनी
हर्षवर्धन चिताले ने कहा कि कंपनी की ईवी उत्पादन क्षमता पहले 15,000 इकाई थी, जिसे बढ़ाकर 25,000 इकाई किया जा चुका है। अब इस साल के अंत तक इसे दोबारा दोगुना करने की तैयारी है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के असर को लेकर पूछे गए सवाल पर चिताले ने कहा कि अप्रैल और मई के पहले सप्ताह तक बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है और किसी तरह की नरमी नहीं दिखी है। हालांकि, उन्होंने माना कि वैश्विक अनिश्चितताओं का असर भविष्य में मांग पर पड़ सकता है और इस स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले टू-व्हीलर इंडस्ट्री को वित्त वर्ष 2026-27 में बेहतर वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए आगे की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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