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Hindi News पैसा ऑटो मारुति की वैगनआर और ऑल्टो K10 खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! क्रेश टेस्ट के नतीजे आए सामने

मारुति की वैगनआर और ऑल्टो K10 खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! क्रेश टेस्ट के नतीजे आए सामने

‘वैगनआर’ और ‘ऑल्टो के10’ को दुर्घटना परीक्षण के बाद वयस्कों की सुरक्षा के लिए क्रमशः एक और दो स्टार सुरक्षा रेटिंग दी है।

Maruti Wagon R- India TV Paisa Image Source : FILE Maruti Wagon R

भारत में हर 2 में से 1 कार मारुति के शोरूम से निकलती है। कंपनी बीते 5 दशकों में करोड़ों कारें बेच चुकी है। लेकिन जब बात सुरक्षा को लेकर आती है तो मारुति की कारें एतिहासिक रुप से पिछड़ी नजर आती हैं। ग्लोबल एनसीएपी टेस्ट के ताजा नतीजे भी कुछ यही गवाही दे रहे हैं। 

ग्लोबल एनसीएपी ने मंगलवार को मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के लोकप्रिय मॉडल- ‘वैगनआर’ और ‘ऑल्टो के10’ को दुर्घटना परीक्षण के बाद वयस्कों की सुरक्षा के लिए क्रमशः एक और दो स्टार सुरक्षा रेटिंग दी है। वहीं दोनों मॉडल को बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘शून्य’ स्टार दिया गया है। ग्लोबल एनसीएपी किसी वाहन को उनकी सुरक्षा खूबियों के आधार पर शून्य से पांच तक की रेटिंग देता है। ऊंची रेटिंग वाले वाहनों को लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है। 

बगल से हुई टक्कर तो परेशानी ज्यादा 

ग्लोबल एनसीएपी के नवीनतम परीक्षण के अनुसार, ऑल्टो के10 ने सामने से दुर्घटना होने पर बालिग व्यक्ति की छाती से सिर तक चोट के मामले में मामूली से स्थिर प्रदर्शन किया। लेकिन बगल से टक्कर होने पर छाती पर चोट के मामले में इसकी सुरक्षा कमजोर है। वैगनआर ने दुर्घटना की स्थिति में चालक की छाती पर चोट लगने के मामले में कमजोर प्रदर्शन किया। 

मारुति ने दी ये सफाई 

मारुति ने कहा है कि उसके वाहन भारत के दुर्घटना सुरक्षा नियमनों को पूरा करते हैं। ये नियमन यूरोप के मानकों के अनुरूप हैं। इस बारे में संपर्क करने पर मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसलिए दुनियाभर की सरकारें इसको लेकर नियमन बना रही हैं, क्योंकि उनके ऊपर अपने नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मारुति के लिए भी सुरक्षा हमेशा शीर्ष प्राथमिकता रही है। भारत के दुर्घटना सुरक्षा नियम लगभग यूरोप के मानकों के समान हैं। हमारे सभी मॉडल इन नियमों को पूरा करते हैं और भारत सरकार द्वारा प्रमाणित हैं।’’

ग्लोबल NCAP ने दिया ये बयान 

ग्लोबल एनसीएपी के महासचिव एलेजांद्रो फुरास ने कहा, ‘‘हम भारतीय वाहन विनिर्माताओं और कुछ वैश्विक वाहन कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया पाकर खुश हैं। हालांकि, कुछ सीमित सुधार हुआ है। हमने अभी तक सबसे लोकप्रिय मारुति सुजुकी मॉडल में इस सुरक्षा प्रतिबद्धता को नहीं पाया है।’’ उन्होंने कहा कि यह देखते हुए कि भारत में बेचे जाने वाले नए मॉडल के लिए छह एयरबैग एक अनिवार्यता है। हालांकि, मारुति सुजुकी के लोकप्रिय मॉडल में इस तरह की सुरक्षा प्रतिबद्धता देखने को नहीं मिलती है। 

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