Key Highlightsप्रधानमंत्री आवास योजना के लिए घराें के आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया 3 नवंबर से शुरू हो गई है।इसके लिए आवेदक को नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से करना होगा संपर्क फॉर्म भरने के लिए खर्च करने होंगे मात्र 25 रुपए आधार कार्ड होना है जरूरी, नहीं होने पर वेरिफिकेशन के बाद किया जा सकेगा आवेदननई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महात्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के आवेदन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को मंजूरी मिल गई है। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। बुधवार 2 नवंबर को केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और रविशंकर प्रसाद की उपस्थिति में शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी अमृत अभिजात और और ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के सीईओ दिनेश त्यागी ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।तस्वीरों में देखिए क्या होगा स्मार्ट सिटी में खास smart citiesRoad Map Of Smart CityRoad Map Of Smart CityRoad Map Of Smart CityRoad Map Of Smart CityRoad Map Of Smart Cityयह भी पढ़ें : भारतीय बाजारों से चीनी सामान को बाहर रखने के लिए मोदी सरकार ने अपनाया ये नया तरीकाअधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें – प्रधानमंत्री आवास योजना 6000 कॉमन सर्विस सेंटर्स पर भरे जा सकेंगे फॉर्मदेश भर में स्थापित 60,000 कॉमन सर्विस सेंटर्स पर प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म भरे जा सकेंगे।एक फॉर्म भरने के लिए खर्च करने होंगे 25 रुपए।कॉमन सर्विस सेंटर्स पर इस योजना के तहत भरे जाने वाले फॉर्म्स के लिए आवेदकों को रसीद भी दी जाएगी।इस रसीद में आवेदक की फोटो लगी होगी। इस रसीद के जरिए आवेदन के स्टेटस का पता लगाया जा सकेगा।आवेदकों को योजना की पूरी जानकारी और आवेदन करने के लिए अपने नजदीक के कॉमन सर्विस सेंटर पर जाना होगा।इस योजना के लिए आधार कार्ड जरूरी है।लेकिन मंत्रालय ने इसके अलावा एक और व्यवस्था की है, जिसके जरिए आधार कार्ड न होने पर पूरे वेरिफिकेशन के बाद लाभार्थी आवेदन कर सकेंगे।यह भी पढ़ें : टाटा-मिस्त्री विवाद पर सरकार की करीबी निगाह, अर्थव्यवस्था पर हो सकता है असर: मेघवालकेंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वैंकेया नायडू ने कहाडिजिटल इंडिया मिशन देश को बदल रहा है। ऐसे में IT मंत्रालय और शहरी मंत्रालय की इस संयुक्त पहल के जरिए ज्यादा से ज्यादा शहरी गरीब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।नायडू ने बताया कि इस योजना के तहत 2005-14 तक करीब 13.70 लाख गरीबों को आवास आवंटित किए गए थे। वहीं, बीते एक साल में ही मोदी सरकार ने 11 लाख शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराए हैं।