बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 5 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। लोन की ब्याज दरों में ये बढ़ोतरी कुछ चुनिंदा अवधि वाले लोन के लिए ही की गई हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ने बताया कि नई ब्याज दरें शुक्रवार, 12 जून से लागू होंगी। यानी, 12 जून से बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के MCLR से जुड़े लोन महंगे हो जाएंगे।
क्या होता है MCLR
पब्लिक सेक्टर के इन दोनों प्रमुख बैंकों का ये फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 5 जून, 2026 को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने के एक हफ्ते बाद आया है। बताते चलें कि MCLR वो कम से कम ब्याज दर होती है जो किसी खास लोन के लिए कोई बैंक या वित्तीय संस्थान वसूलता है। ये लोन के लिए ब्याज दर की निचली सीमा तय करता है। RBI ने 2016 में MCLR की शुरुआत की थी।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने किस-किस अवधि के लोन की बढ़ाई ब्याज दरें
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी 5 अवधि के लिए लोन की ब्याज दरों में 5 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने ओवरनाइट MCLR की दरों को 7.80% से बढ़ाकर 7.85% कर दिया गया है, जबकि एक महीने की MCLR को 7.90% से बढ़ाकर 7.95% कर दिया गया है। इस सरकारी बैंक ने 3 महीने की MCLR को 8.15% से बढ़ाकर 8.20% और 6 महीने की MCLR को 8.45% से बढ़ाकर 8.50% कर दिया है। 1 साल की MCLR, जिसका इस्तेमाल अक्सर कई रिटेल लोन के लिए बेंचमार्क के तौर पर किया जाता है, उसे भी 5 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर अब 8.70% से 8.75% कर दिया गया है।
केनरा बैंक ने भी छोटी अवधि वाले लोन के लिए बढ़ाई MCLR
केनरा बैंक ने छोटी अवधि वाले लोन के लिए अपनी MCLR दरों में बदलाव किया है। ओवरनाइट MCLR को 5 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर अब 7.90% से 7.95% कर दिया गया है। इसी तरह, एक महीने की MCLR को 7.95% से बढ़ाकर 8.00% कर दिया गया है, जबकि तीन महीने की MCLR अब 8.20% से बढ़कर 8.25% हो गई है। इसके अलावा, 6 महीने की MCLR भी 5 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 8.55% से 8.60% हो गई है। केनरा बैंक ने बाकी अवधि के लोन के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
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