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Hindi News पैसा मेरा पैसा बार-बार बदल रहे हैं जॉब तो ITR फाइल करने से पहले जान लें ये 3 बातें, बाद की परेशानी से बच जाएंगे

बार-बार बदल रहे हैं जॉब तो ITR फाइल करने से पहले जान लें ये 3 बातें, बाद की परेशानी से बच जाएंगे

आपके पूर्व नियोक्‍ता, आपकी सैलरी और टीडीएस की गणना अपके द्वारा साल की शुरुआत में की गई निवेश की घोषणा के आधार पर करता है।

Income Tax Retrun - India TV Paisa Image Source : FILE आयकर रिटर्न

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए करीब तीन करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल हो गए हैं। आने वाले दिनों में आयकर रिटर्न भरने की रफ्तार और तेज होगी। इस बार आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तय की गई है। ऐसे में अगर आपने पिछले वित्तीय वर्ष में कई बार जॉब चेंज किया है तो आपको आयकर रिटर्न भरने में कुछ खास बातों का ख्याल रखना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर बाद में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए, जानते हैं कि किन बातों का ख्याल जॉब चेंज करने वालों को रखना जरूरी है। 

फॉर्म 16 लेना कभी भी नहीं भूलें 

आम तौर पर यह देखने को मिलता है कि नौकरी बदलने की जल्‍दवाजी में ज्‍यादातर कर्मचारी पहली कंपनी से फॉर्म 16 लेना भूल जाते हैं। जब आयकर रिटर्न भरने भरने की बारी आती है तो फॉर्म 16 की याद आती है। फॉर्म 16 नहीं होने की स्थिति में टैक्‍स की सही गणना करना मुश्किल होता है। अगर, आपने भी जॉब बदला है और फॉर्म 16 लेना भूल गए हैं और इनकम टैक्‍स फाइल करने में समस्‍या आ सकती है। हालांकि, इस समस्या का हल है। आप टैक्‍स की गणना आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए आपको इनकम टैक्‍स विभाग की वेबसाइट पर जा कर फॉर्म 26AS डाउन करना होगा। फिर इस फॉर्म से आपके बैंक खाते में आया पैसा और उससे टैक्‍स का मिलान कर आप टैक्‍स कटौती का सही आकलन कर सकते हैं।
 
निवेश के कागजात जरूर तैयार रखें 

आपके पूर्व नियोक्‍ता, आपकी सैलरी और टीडीएस की गणना अपके द्वारा साल की शुरुआत में की गई निवेश की घोषणा के आधार पर करता है। अगर, आप अपने नए नियोक्‍ता के पास मिली सैलरी की जानकारी नहीं देते हैं तो आपका नया नियोक्‍ता टैक्‍स की गणना बचे हुए महीने पर करता है। हालांकि, बहुत सारे मामलों में यह काफी नहीं होता है। यह भी संभावना हो सकती है कि आपने इनकम टैक्‍स की धारा 80C के तहत अधिक निवेश किया है और अपने नियोक्‍ता को कम बता रहे हैं। इससे बचने के लिए इनकम टैक्‍स फाइल करने से पहले अपने निवेश के कागजात से पूरा ब्‍योरा तैयार कर लें।
 
इस तरह कर सकते हैं टैक्स की गणना 

टैक्‍स की गणना करने के लिए पुरानी कंपनी में एक्स महीने में मिली सैलरी और नई कंपनी में वाई महीने में मिली सैलरी को जोड़े। इसके बाद आपने 80सी में निवेश की गई राशि को जोड़े। फिर दोनों कंपनी द्वारा काटे गए टैक्‍स को एक जगह मिलाएं। फिर आयकर विभाग की वेबसाइट जा कर टैक्‍स कलकुलेट करें। अगर, आप पर पिछला कोई बकाया टैक्‍स है तो इनकम टैक्‍स फाइल करने से पहले उसका भुगतान करें। इस तरह आप सही तरीके से अपना इनकम टैक्‍स फाइल कर सकते हैं।
 
भविष्‍य निधि खाता में जमा रकम

आपकी सैलरी का एक हिस्‍सा हमेशा रिटायरमेंट फंड में हर महीने जमा होता है। आपका नियोक्‍ता भी इसमें एक हिस्‍सा जमा करता है। जब आप जॉब चेंज करते हैं तो आपके पास यह पैसा निकालने या ट्रांसफर करने का ऑप्‍शन होता है। आप यह जान लें कि लागातार 5 साल तक सर्विस किए पैसा निकालना टैक्‍सेबल इनकम होता है। भविष्‍य निधि में जमा पैसा 5 साल के बाद टैक्‍स फ्री होता है। भविष्‍य निधि में जमा पैसा को ट्रांसफर कराने के लिए फॉर्म 10C और फॉर्म 19 भरें।
 

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