अपना कारोबार शुरू करना है? जानिए सरकार इसके लिए कौन-कौन सी लोन सुविधाएं करती है ऑफर
सरकार द्वारा पेश की गई कुछ ऐसी लोन योजनाएं हैं जो आपको स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का मौका देती हैं। जरूरी योग्यता को पूरी कर आप भी अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकते हैं।

क्या आप भी अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन फंड की कमी आपको रोक रही है? अगर हां, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने ऐसे उद्यमियों के लिए कई विशेष लोन योजनाएं शुरू की हैं, जो कम ब्याज दरों, सरल शर्तों और कई मामलों में बिना किसी गारंटी के फाइनेंशियल सहायता प्रदान करती हैं। चाहे आप एक नया छोटा व्यापार शुरू करना चाह रहे हों या अपने मौजूदा बिज़नेस को विस्तार देना चाहते हों, इन सरकारी योजनाओं के जरिए आपको जरूरी आर्थिक समर्थन मिल सकता है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भारत सरकार की एक प्रमुख वित्तीय योजना है, जिसका उद्देश्य गैर-कृषि क्षेत्र में कार्यरत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत सरकार विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में लगे आय-सृजन गतिविधियों के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करती है। इस योजना में कृषि से संबंधित गतिविधियां भी शामिल हैं जैसे मुर्गी पालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन आदि। यह योजना विशेष रूप से उन व्यवसायों को लक्षित करती है जो गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि क्षेत्र में आय उत्पन्न कर रहे हैं।
इस स्कीम के तहत वित्तीय सहायता उन स्वामित्व/साझेदारी वाली सूक्ष्म और लघु संस्थाओं जिनमें लघु विनिर्माण इकाइयां, सेवाक्षेत्र इकाइयां, दुकानदार व फुटकर विक्रेता (जैसे फल-सब्जी विक्रेता), ट्रक ऑपरेटर, फूड सर्विस इकाइयां, मरम्मत की दुकानें, मशीन ऑपरेटर, कारीगर और खाद्य प्रसंस्करणकर्ता और अन्य स्वरोजगार आधारित व्यवसाय को दी जाती है।
चार कैटेगरी में मिलता है लोन
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आवेदकों को चार कैटेगरी- 'शिशु', 'किशोर', 'तरुण' और 'तरुण प्लस' के तहत लोन दिया जाता है। शिशु कैटेगरी में 50,000/- रुपये तक का लोन ऑफर किया जाता है। किशोर कैटेगरी के तहत 50,000/- रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। इसी तरह, तरुण कैटेगरी में 5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। तरुण प्लस में पिछले लोन का सफलतापूर्वक भुगतान करने वाले उद्यमियों के लिए 20 लाख रुपये तक का लोन ऑफर किया जाता है। बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से इस लोन के लिए अप्लाई किया जा सकता है।
एमएसएमई लोन
₹10 लाख से लेकर ₹5 करोड़ तक का लोन इस योजना के तहत दिया जाता है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), जो भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, समय पर वित्तपोषण के मामले में अक्सर बड़ी चुनौतियों का सामना करते हैं। यह लोन विभिन्न व्यावसायिक आवश्यकताओं के लिए शीघ्रता से धन जुटाने में मदद करता है, बल्कि लोन मैनेजर के लिए फैसला लेने की प्रक्रिया को भी सरल बनाकर, एमएसएमई के जीवन को आसान बनाता है। जरूरी योग्यता के साथ एमएसएमई लोन आप एक साधारण, सिंगल एप्लीकेशन के साथ, ₹10 लाख से लेकर ₹5 करोड़ तक पा सकते हैं।
नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन यानी NSIC की स्कीम
NSIC एक सरकारी संस्था है जो छोटे उद्यमों को वित्तीय, तकनीकी और विपणन (मार्केटिंग) से जुड़ी सहायता प्रदान करती है। यह योजना व्यवसायों को आगे बढ़ाने और बाजार में टिके रहने में मदद करती है। नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन की मार्केटिंग सपोर्ट स्कीम में कॉन्सोर्शिया स्कीम, टेंडर मार्केटिंग आदि के माध्यम से मार्केटिंग सहायता दी जाती है। इससे ब्रांड की पहचान, बाजार विस्तार और प्रमोशन में मदद मिलती है। दूसरी, क्रेडिट सपोर्ट स्कीम जिसके तहत कच्चा माल खरीदने, वर्किंग कैपिटल जुटाने और मार्केटिंग गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS)
यह स्कीम उन व्यवसायों के लिए उपयुक्त है जो अपने उद्योग में तकनीकी सुधार और आधुनिकीकरण लाना चाहते हैं। इसके तहत व्यापार, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए सहायता प्रदान की जाती है। बजाज फाइनेंस के मुताबिक, इस योजना के तहत योग्य व्यवसायों को 15% की पूंजी सब्सिडी मिलती है, जिससे तकनीकी अपग्रेडेशन की लागत कम होती है। योजना के लिए पात्र इकाइयों में सोल प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म, प्राइवेट लिमिटेड और पब्लिक लिमिटेड कंपनियां, और कोऑपरेटिव संस्थाएं शामिल हैं।
स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) लोन योजना
सिडबी भारत में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए सबसे पुराने और भरोसेमंद संस्थानों में से एक है। यह बैंक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
सिडबी की स्कीम के तहत लोन की सीमा ₹10 लाख से ₹25 करोड़ तक होती है। लोन की अवधि 10 साल तक हो सकती है। सबसे खास बात यह है कि ₹1 करोड़ तक का लोन बिना किसी जमानत के भी उपलब्ध है। साथ ही, सिडबी एनबीएफसी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के जरिये भी एमएसएमई को लोन देता है।