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Mutual funds सबके लिए सही नहीं, ऐसा क्यों? अगर आप भी SIP करते हैं तो जरूर जानें

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले 80% निवेशकों को नहीं पता है कि वह किस फंड में निवेश कर रहे हैं। उसका फंड मैनेजर कौन है? पूछेंगे तो बोलेंगे कि SIP कर रहे हैं।

निवेश के बाद स्कीम का परफॉर्मेंस समय-समय पर जांचना भी जरूरी है। - India TV Hindi
Image Source : FILE निवेश के बाद स्कीम का परफॉर्मेंस समय-समय पर जांचना भी जरूरी है।

टीवी, रेडियो, ऑनलाइन और सोशल मीडिया के जरिये 'म्यूचुअल फंड सही है' का स्लोगन हम सभी ने जरूर सुना है। आए दिन कोई न कोई क्रिकेटर, बॉलीवुड स्टार या दूसरे फिल्ड के सेलिब्रिटी म्यूचुअल फंड का प्रचार करते दिख जाते हैं— म्यूचुअल फंड सही है। लेकिन, क्या वकई में म्यूचुअल फंड सभी के लिए बिल्कुल सही है? इसका जवाब है नहीं। म्यूचुअल फंड सभी के लिए सही नहीं है। अगर आपका लक्ष्य छोटा है या उम्र अधिक है तो म्यूचुअल फंड सही नहीं है। बाजार में मौजूदा गिरावट के बाद कई लोगों का म्यूचुअल फंड का रिटर्न 3 साल बाद भी निगेटिव हो गया है। आइए जानते हैं कि किसके लिए म्यूचुअल फंड सही है और किसके लिए नहीं। 

1. जोखिम लेने की क्षमता तो ही निवेश करें

अगर आपमें जोखिम लेने की क्षमता है तो ही ​म्यूचुअल फंड में निवेश करें। म्यूचुअल फंड निवेश पर मार्केट रिस्क, लिक्विडिटी रिस्क, क्रेडिट रिस्क, जीडीपी ग्रोथ रिस्क आदि होता है। अगर आप जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं तो ही निवेश करें। अन्यथा बैंक एफडी, पीपीएफ, आरडी या दूसरी फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट स्कीम में निवेश करें। 

2. आंख मूंद कर निवेश नहीं करें

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले 80% निवेशकों को नहीं पता है कि वह किस फंड में निवेश कर रहे हैं। उसका फंड मैनेजर कौन है? पूछेंगे तो बोलेंगे कि SIP कर रहे हैं। जबकि सिप एक जरिया है म्यूचुअल फंड में निवेश करने का। इसलिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले जानकारी जुटाएं। किसी की सलाह पर सुनी सुनाई बातों पर निवेश न कर दें। म्यूचुअल फंड में सही फंड का चुनाव करना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर नुकसान उठाना होगा। 

3. रिटर्न निवेश का पैमाना नहीं 

लोग अक्सर सोचते हैं कि जो फंड अभी सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वही उनके लिए सही रहेगा। लेकिन हर म्यूचुअल फंड स्कीम अलग होती है। अगर उस स्कीम का इंवेस्टमेंट ऑब्जेक्टिव और रिस्क प्रोफाइल आपकी जरूरतों से मेल नहीं खाता, तो वह फंड आपके लिए सही नहीं है। 

4. स्कीम को जरूर जांचें

यह जरूरी है कि आप फंड हाउस की इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी, फंड मैनेजर की योग्यता, और रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेस को भी समझें। एक ही कैटेगरी में अलग-अलग स्कीम्स का प्रदर्शन अलग हो सकता है। 

5. निगरानी करना सीखें 

सही स्कीम चुन लेना ही काफी नहीं। निवेश के बाद स्कीम का परफॉर्मेंस समय-समय पर जांचना भी जरूरी है। समय-समय पर देखें कि क्या फंड आपके लक्ष्य के अनुसार चल रहा है? अगर नहीं तो उसमें बदलाव करें। 

अगर ये पांच काम आप कर सकते हैं तो ही म्यूचुअल फंड में निवेश करें। आप अपने पैसे को सुरक्षित भी रख पाएंगे और सही रिटर्न भी ले पाएंगे। अन्यथा आप फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट में निवेश करें। 

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