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पंजाब में कांग्रेस को एकजुट करने में जुटे भूपेश बघेल, मुक्तसर में लगे 'गो बैक' के पोस्टर, चन्नी समर्थकों ने की नारेबाजी

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल आजकल पंजाब में कांग्रेस के सभी गुटों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वो जहां-जहां जाते हैं चन्नी के सपोर्टर नारेबाजी करके माहौल बिगाड़ देते हैं।

Bhupesh Baghel- India TV Hindi
Image Source : PTI भूपेश बघेल

पंजाब में कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के भीतर की गुटबाजी अब सार्वजनिक मंचों पर खुलकर सामने आ गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल इन दिनों सभी गुटों को एकजुट करने की कोशिश में राज्य के दौरे पर हैं, लेकिन वो जहां-जहां जाते हैं चन्नी के सपोर्टर नारेबाजी करके माहौल बिगाड़ देते हैं।

सोमवार को भूपेश बघेल मुक्तसर में थे, ये राजा वडिंग का अपना इलाका है। यहां प्रोग्राम शुरू होता उससे पहले ही मुक्तसर में 'भूपेश बघेल गो बैक' के पोस्टर लग गए। कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर राजा वड़िंग के करीबी नेता मौजूद थे और भाषण शुरू होने वाला था, तभी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख राजा वड़िंग ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को संभाला।

राजा वड़िंग ने नारेबाजी कर रहे उस शख्स को मंच पर बुलाया और माइक पर खुद चन्नी के समर्थन में नारे लगाने को कहा। राजा वड़िंग ने उस कार्यकर्ता से कहा कि वह चन्नी साहब को फोन लगाए। कार्यकर्ता ने फोन मिलाया, लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी ने कॉल रिसीव नहीं की। इस पर राजा वड़िंग ने मजाकिया अंदाज में कहा, "मेरा नंबर ले लो, चन्नी साहब भले ही फोन न उठाएं, लेकिन वह मेरा फोन जरूर पिक करेंगे।"

अध्यक्ष पद की रस्साकशी?

बताया जा रहा है कि चरणजीत सिंह चन्नी खुद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को राज्य की कमान सौंप दी। इस फैसले से चन्नी खफा बताए जा रहे हैं और उनके साथ पार्टी के नेताओं का एक बड़ा गुट मजबूती से खड़ा है।

चन्नी समर्थकों का मानना है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव जीतना है, तो पार्टी को चन्नी के नेतृत्व में ही मैदान में उतरना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस आलाकमान नेतृत्व बदलने के पक्ष में नहीं है और उसका मानना है कि लीडरशिप कोई 'गुड्डे-गुड़िया का खेल' नहीं है। हालांकि, पंजाब कांग्रेस के एक नेता ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर पार्टी ने समय रहते नेता नहीं बदला, तो चुनाव के बाद सचमुच गुड्डे-गुड़िया का खेल ही खेलना पड़ेगा।"

कार्यक्रम के दौरान राजा वड़िंग ने इशारों-इशारों में चन्नी गुट पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अकाली दल और बीजेपी तो मैदान में हैं ही, लेकिन "कुछ अपने भी बेगाने हो गए हैं।" उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि वे कांग्रेस को 80 सीटों से घटाकर 18 सीटों पर कौन लेकर आया था।

भगवंत मान के तंज पर बघेल का पलटवार

कांग्रेस की इस अंदरूनी फूट से आम आदमी पार्टी (AAP) पूरी तरह गदगद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव से पहले ही कांग्रेस में कुर्सी की लड़ाई शुरू हो चुकी है। पंजाब की जनता सब समझ रही है कि इन नेताओं को आम जनता की नहीं, बल्कि अपनी कुर्सी की फिक्र है और जनता चुनाव में इन्हें सबक सिखाएगी।

'आप' के हमलों का जवाब देते हुए पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि भगवंत मान कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी की फिक्र करें। बघेल ने तंज कसा कि यदि आम आदमी पार्टी के नेता उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं और पोस्टर लगा रहे हैं, तो इसका साफ मतलब है कि कांग्रेस की रणनीति बिल्कुल सही दिशा में जा रही है और विरोधी उससे बुरी तरह परेशान हैं।

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