भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 27 जुलाई को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में आयोग ने कहा है कि पार्टी संविधान में किए गए कई बदलावों के समर्थन में जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
आयोग के मुताबिक, 26 फरवरी 2026 के राष्ट्रीय अधिवेशन के प्रस्ताव में सिर्फ अनुच्छेद 18(1) में संशोधन का जिक्र है। लेकिन पार्टी ने अनुच्छेद 6, 7, 12, 32 और 36 में भी बदलाव किए हैं। इन बदलावों को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव आयोग को नहीं मिले हैं। इसलिए आयोग ने पार्टी से इन संशोधनों के समर्थन में वैध दस्तावेज और प्रस्ताव मांगे हैं।
अगर एनसीपी आयोग के सामने इन संशोधनों के समर्थन में वैध प्रस्ताव और दस्तावेज पेश नहीं कर पाती है, तो कई बड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। जैसे-
- क्या पार्टी की मौजूदा राष्ट्रीय कार्यकारिणी वैध है?
- क्या राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्तियां नियमों के अनुसार हुई हैं?
- क्या संशोधित संविधान के आधार पर लिए गए संगठनात्मक फैसले कानूनी रूप से सही हैं?
ऐसी स्थिति में सुनेत्रा पवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की वैधानिक स्थिति और उनके द्वारा की गई संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला निर्वाचन आयोग की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों पर निर्भर करेगा। यानी फिलहाल आयोग ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। उसने केवल जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव मांगे हैं। यदि पार्टी उन्हें प्रस्तुत नहीं कर पाती, तो पार्टी के संशोधित संविधान, राष्ट्रीय कार्यकारिणी, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और संगठनात्मक नियुक्तियों की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
अजित पवार की मौत के बाद पार्टी संभाल रहीं सुनेत्रा पवार
बता दें कि जनवरी 2026 में अजित पवार की एक विमान हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उनकी राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली। वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनीं और उन्हें सरकार में खेल, अल्पसंख्यक विकास और उत्पाद शुल्क जैसे मंत्रालयों का कार्यभार मिला। इसके साथ ही, वे अपनी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी चुनी गईं। वहीं, अजित पवार की मौत के बाद खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सुनेत्रा पवार ने जीत हासिल कर विधायक बनीं।
ये भी पढ़ें-
मुंबई-नासिक हाईवे के गड्ढे ने ली TDRF जवान की जान, कोहिनूर हादसे में बचाई थीं कई जिंदगियां
राजा रघुवंशी और सोनम की शादी का कैटरिंग बिल अभी तक है बकाया, 15 दिन में पैसे नहीं दिए तो होगा केस