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''अब जो होना है, वो होकर रहेगा'', पंजाब कांग्रेस में साइडलाइन से खफा मनीष तिवारी; एक्स पर छलका दर्द

सांसद मनीष तिवारी ने पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद एक्स हैंडल पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। वह खुद को उपेक्षित किए जाने से नाराज हैं।

सांसद मनीष तिवारी - India TV Hindi
Image Source : PTI सांसद मनीष तिवारी। फाइल

चंडीगढ़ः पंजाब में चुनावी जंग से पहले कांग्रेस में ही जंग शुरु हो गई है। मनमोहन सरकार में मंत्री रह चुके मनीष तिवारी खुद को साइडलाइन किए जाने से ख़फा हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए उन्होंने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर भी की। मनीष तिवारी ने लिखा कि "है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे"..इसके आगे मनीष तिवारी ने लिखा कि काश उनके पास कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा की दवा होती।

एक्स हैंडल पर अपना दर्द ज़ाहिर करते हुए मनीष तिवारी ने लिखा कि पिछले 45 साल में कांग्रेस उन्हें बहुत कुछ दिया, लेकिन उन्होंने भी अपनी ज़िंदगी पार्टी में खपा दी..अपनी जवानी पार्टी की सेवा में लगा दी।  लेकिन अब जो होना है, वो होकर रहेगा। 

कांग्रेस से इसलिए नाराज हैं मनीष तिवारी

मनीष तिवारी का यह बयान तब आया जब कांग्रेस ने बुधवार को 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा की। इसमें चुनाव से जुड़ी कई समितियों के अध्यक्षों और सह-अध्यक्षों के नाम तय किए गए, लेकिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को कोई संगठनात्मक भूमिका नहीं दी गई। मनीष तिवारी चंडीगढ़ से तीन बार लोकसभा सदस्य रहे हैं और पंजाब में पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। बता दें कि मनीष तिवारी अभी चंडीगढ़ से सांसद हैं। साल 2019 में वे पंजाब के आनंदपुर साहिब से सांसद थे और लुधियाना से भी सांसद रह चुके हैं।

मनीष तिवारी को मनाने की कोशिशें शुरू

वहीं, कांग्रेस की तरफ से मनीष तिवारी को मनाने की कोशिशें भी शुरू हो गई है। कांग्रेस की तरफ से ये कहा जा रहा है कि मनीष तिवारी चंडीगढ़ से सांसद है। चंडीगढ़ यूनियन टेरेटरी है। उसकी अलग पार्टी यूनिट है। वो पंजाब प्रदेश कांग्रेस का हिस्सा नहीं है। जब तक मनीष तिवारी पंजाब से सांसद थे उन्हें स्टेट यूनिट में जिम्मेदारी दी गई। अब वो चंडीगढ़ से MP हैं। इसलिए उन्हें चढ़ीगढ़ कांग्रेस में ही  जिम्मेदारी दी जाएगी।

पंजाब कांग्रेस में कई नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

बता दें कि संगठनात्मक नियुक्तियों में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को नेता प्रतिपक्ष पर बरकरार रखा गया है, लेकिन दूसरी पोस्ट्स पर नए नेताओं को लाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया गया है। सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी तरह विजय इंदर सिंगला को इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। सुखजिंदर सिंह रंधावा..कोर कमेटी के मुखिया होंगे, जबकि अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जब अमर सिंह से मनीष तिवारी की नाराज़गी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी माना कि वो पंजाब कांग्रेस के सीनियर लीडर हैं, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि पार्टी में किसे क्या जिम्मेदारी देनी है, इसका फैसला हाईकमान करता है। 

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