पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी कॉलेज की परीक्षा देकर विवादों में आ गए हैं। दरअसल परीक्षा देते हुए उनकी एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल उठाने वाले लोगों का कहना है कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल, कैमरा या कोई अन्य गैजेट ले जाने की अनुमति नहीं होती है। ऐसे में परीक्षा केंद्र के अंदर की तस्वीर कैसे खींची गई।
चन्नी की परीक्षा जिस दिन थी, उसी दिन कांग्रेस कोर वर्किंग कमेटी की बैठक भी थी। ऐसे में चन्नी इस अहम बैठक में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर भी तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल का कहना है कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।
चन्नी का बयान
चन्नी ने कहा कि पार्टी आलाकमान ने उन्हें कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल नहीं होने की इजाजत दी थी, क्योंकि उन्हें पंजाब विश्वविद्यालय में एक परीक्षा में शामिल होना था। पार्टी की निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था सीडब्ल्यूसी की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई थी। प्रश्नपत्र लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हुई इस लंबी बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अन्य और विशेष आमंत्रित सदस्यों के अलावा कांग्रेस-शासित राज्यों के सभी चार मुख्यमंत्री शामिल हुए।
परीक्षा नहीं देता तो एक साल लेट हो जाता
जालंधर से मौजूदा सांसद चन्नी लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वह सार्वजनिक नीति में सुधार के क्षेत्र में आगे शोध करना चाहते हैं। इससे पहले वह पंजाब विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी कर चुके हैं। सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर चन्नी ने कहा, ''मैंने पार्टी आलाकमान से लिखित इजाजत मांगी थी कि मैं बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं हो पाऊंगा।'' पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''अगर मैं परीक्षा नहीं देता तो मेरी डिग्री में एक साल की देरी हो जाती और इस वजह से जिस शोधकार्य को मैं करना चाहता हूं उसमें भी देरी हो जाती।'' स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के बारे में चन्नी ने कहा, ''आज मेरी लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री की आखिरी परीक्षा थी। मैं नीति में सुधारों पर शोध करना चाहता हूं और इसके लिए पंजाब विश्वविद्यालय से पीएचडी प्रोग्राम करूंगा।''
वडिंग के खिलाफ मोर्चा खोलकर चर्चा में आए चन्नी
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग के खिलाफ चन्नी ने मोर्चा खोल रखा है। वह कई बार बगावती तेवर दिखा चुके हैं। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस इससे पहले पार्टी को एकजुट रखना चाहती है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को पंजाब का पॉलिटिकल क्राइसिस मैनेज करने के लिए भेजा गया है।
(चंडीगढ़ से चरणजीत सिंह चन्नी की रिपोर्ट)
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