पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें मामले में CBI को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया गया था। पंजाब सरकार की ओर से सीनियर वकील विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई के लिए अर्जेंट लिस्टिंग की मांग की। विकास सिंह ने कहा कि पंजाब में जल्द चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में मामले की शीघ्र सुनवाई जरूरी है। उन्होंने दलील दी कि हाईकोर्ट का CBI को FIR दर्ज करने का निर्देश उचित नहीं था।
राज्य सरकार पहले कर रही थी इसकी जांच
पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट के विजय मदनलाल चौधरी फैसले के पैराग्राफ 151 का हवाला देते हुए कहा कि FIR दर्ज करने की कार्रवाई के लिए संज्ञेय अपराध का आधार होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मामला ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े आरोपों से संबंधित है। राज्य सरकार पहले से इसकी जांच कर रही थी।
उपलब्ध कराए गए दस्तावेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं- विकास सिंह
विकास सिंह ने यह भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय इस तरह के मामलों को उठाया जा रहा है। यह मामला संघीय ढांचे से भी जुड़ा हुआ है।
गुरुवार को हो सकती है सुनवाई
CJI ने कहा कि मामले को बुधवार को लिस्ट करने की कोशिश की जा सकती है, अन्यथा गुरुवार को सुनवाई हो सकती है। वहीं, जस्टिस मोहना ने कहा कि “एक दिन में कुछ नहीं होगा।” पंजाब सरकार ने दोहराया कि राज्य चुनाव की ओर बढ़ रहा है, इसलिए मामले की जल्द सुनवाई जरूरी है।
जानिए क्या है मामला
बता दें कि यह मामला पंजाब में ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और आरोपों के आधार पर जांच का मुद्दा सामने आया। इसके बाद पंजाब हाईकोर्ट ने मामले में CBI को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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