जहां बीजेपी-कांग्रेस भिड़ रहे थे… वहां केजरीवाल ने मारी बाजी, बारां में AAP को स्पष्ट बहुमत, 31 सीटें झटक लीं
बारां नगर परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के 15 साल पुराने बोर्ड को सत्ता से हटा दिया। AAP ने सभी 60 वार्डों के नतीजों में 31 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है।

कोटा: राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए बड़ी खुशखबरी आई। बारां नगर परिषद के चुनाव में AAP ने कुल 60 सीटों में से आधी से ज्यादा सीटें जीत हासिल कर बीजेपी और कांग्रेस दोनों का चित्त कर दिया। आप ने बड़ा उलटफेर करते हुए कांग्रेस के 15 साल पुराने बोर्ड को सत्ता से हटा दिया और सोमवार को घोषित नतीजों में 60 में से 31 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
कांग्रेस-बीजेपी को कितनी सीटें?
- बारां नगर परिषद में कांग्रेस को 18 सीटें मिलीं
- बीजेपी 9 वार्ड तक सिमट गई
- दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे
बता दें कि परंपरागत रूप से बारां नगर परिषद में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है। बारां नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौड़ ने 'आप' की ओर से स्थानीय निकाय चुनाव का नेतृत्व किया। राठौड़ ने राजनीतिक करियर की शुरुआत RSS से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी। बाद में वह बीजेपी और कांग्रेस में भी रहे। वहीं, अजमेर नगर निगम चुनाव में BJP का किला दरक गया है और 36 साल का दबदबा खत्म हो गया। यहां कांग्रेस का पंजा चला है।
बारां नगर परिषद के वार्ड 1 से 60 तक निर्वाचित वार्ड सदस्यों की लिस्ट-
- वार्ड 1 – चंद्रकला सुमन – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 2 – रानी मीणा – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 3 – केशव नागर – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 4 – रोहिताश्व सक्सेना – कांग्रेस
- वार्ड 5 – सुनीता बाई – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 6 – सागर सिंह – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 7 – अंतू रानी – भाजपा
- वार्ड 8 – राधा सोनी – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 9 – नीरज नगर – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 10 – गिरिश कुमार मेहर – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 11 – रविंद्र वर्मा – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 12 – हरीश वैष्णव – भाजपा
- वार्ड 13 – गजेंद्र – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 14 – प्रियंका – कांग्रेस
- वार्ड 15 – रिंकू – भाजपा
- वार्ड 16 – दीपक – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 17 – ऋषि सोन – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 18 – नवीन कुमार – कांग्रेस
- वार्ड 19 – कलावती – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 20 – साजिब खान – कांग्रेस
- वार्ड 21 – यशवंत कुमार यादव – कांग्रेस
- वार्ड 22 – रोहित – कांग्रेस
- वार्ड 23 – दौलत बाई – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 24 – जयप्रकाश – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 25 – राजेश बाई – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 26 – नरेश कुमार – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 27 – मीनाक्षी – कांग्रेस
- वार्ड 28 – दिलीप – भाजपा
- वार्ड 29 – विमला बाई – भाजपा
- वार्ड 30 – अंजली – कांग्रेस
- वार्ड 31 – प्रीति कुमारी – भाजपा
- वार्ड 32 – जितेंद्र कुमार – भाजपा
- वार्ड 33 – धर्मेंद्र भार्गव – भाजपा
- वार्ड 34 – दीपक सोनी – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 35 – हितेश चंदेल – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 36 – संजीव कुमार सुमन – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 37 – शीतल राठौर – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 38 – नीलेश जैन – भाजपा
- वार्ड 39 – तेजेश – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 40 – रानू – कांग्रेस
- वार्ड 41 – हरिओम – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 42 – पुरुषोत्तम – कांग्रेस
- वार्ड 43 – विजय – कांग्रेस
- वार्ड 44 – शरीफ – निर्दलीय
- वार्ड 45 – खुशबू किन्नर – कांग्रेस
- वार्ड 46 – कमल राठौर – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 47 – मंजू – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 48 – साजिदा – कांग्रेस
- वार्ड 49 – नफीसा – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 50 – रिसालत अली – कांग्रेस
- वार्ड 51 – मुनाफ अंसारी – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 52 – अखलाख – कांग्रेस
- वार्ड 53 – पूजा वैष्णव – कांग्रेस
- वार्ड 54 – निशा – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 55 – लक्ष्मी सुमन – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 56 – रफीकन – निर्दलीय
- वार्ड 57 – शिवचरण – कांग्रेस
- वार्ड 58 – राजेंद्र सिंह – कांग्रेस
- वार्ड 59 – अशोक कुमार – आम आदमी पार्टी
- वार्ड 60 – लोकेश मीणा – आम आदमी पार्टी
सभापति पद की प्रबल दावेदार हैं शीतल राठौड़
आम आदमी पार्टी के स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद अब सभी की नजरें सभापति पद के लिए उम्मीदवार के चयन पर हैं। सभापति का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। राठौड़ की पत्नी शीतल राठौड़ ने भी वार्ड 37 से चुनाव जीता है और उन्हें सभापति पद की प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
भ्रष्ट नेताओं को जनता ने नकार दिया- कमल राठौड़
वार्ड 46 से 'आप' उम्मीदवार कमल राठौड़ ने कहा कि बारां की जनता ने विकास को चुना है। बारां को पीछे धकेलने और जनता को परेशान करने वाले भ्रष्ट नेताओं को जनता ने नकार दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो लक्ष्य तय किया था, उसमें सफल रही और अब लोगों की उम्मीदों को पूरा करना उसकी प्राथमिकता होगी।
हार पर क्या बोली कांग्रेस?
वहीं, हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव कैलाश जैन ने कहा कि पार्टी अपनी कमियों की समीक्षा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के केंद्रीय शासन और स्थानीय स्तर पर हस्तक्षेप के कारण नगर निकाय के कामकाज में बाधा आई। जैन ने कहा कि इन चुनावों में बीजेपी की स्थिति हमसे भी खराब है। राज्य में ढाई साल के भाजपा शासन के दौरान कांग्रेस के पास बोर्ड होने के बावजूद बीजेपी ने हमारे नेताओं और सभापति के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए और सार्वजनिक विकास कार्यों में बाधा डाली। इस व्यवधान को लेकर जनता में पैदा हुई नाराजगी का असर चुनाव परिणामों पर पड़ा और इसका खमियाजा हमें भी भुगतना पड़ा।
BJP के बारां जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
भाजपा के बारां जिलाध्यक्ष नरेश सीकरवाल ने जनादेश स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी यह समीक्षा करेगी कि वह कहां पीछे रही और क्या गलतियां हुईं। राज्य के 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने कुल 4,179 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 3,613 वार्ड मिले। भाजपा ने 10 नगर निगमों में से चार में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 63, आम आदमी पार्टी ने 42, माकपा ने 38, बसपा ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्ड जीते। इन चुनावों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं समेत कुल 309 शहरी स्थानीय निकाय शामिल थे।
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