राजस्थान के खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव में सोमवार को उस समय बेहद रोमांचक स्थिति बन गई, जब भाजपा प्रत्याशी विक्रम सिंह चौधरी उर्फ विक्की चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा को बराबर 22-22 मत मिले। एक पार्षद मतदान के लिए उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बराबरी पर अटक गया और निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार पर्ची के माध्यम से परिणाम तय करने की प्रक्रिया अपनाई।
मासूम बच्ची पर टिकीं सबकी निगाहें
सबकी निगाहें उस समय एक मासूम बच्ची पर टिक गईं, जिसे पर्ची निकालने के लिए बुलाया गया। बच्ची द्वारा निकाली गई पर्ची में भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी का नाम सामने आया। इसके साथ ही निर्वाचन अधिकारी ने विक्रम चौधरी को खैरथल नगर परिषद का सभापति निर्वाचित घोषित कर दिया।
Image Source : reporter inputपर्ची में निकला भाजपा के विक्रम चौधरी का नाम।
शपथ के बाद क्या बोले विक्रम चौधरी?
सभापति निर्वाचित होने के बाद विक्रम चौधरी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष रहते हुए उन्होंने नगर परिषद से जुड़े जिन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था, उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में जो विकास कार्य पूरे नहीं हो सके, उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा और खैरथल में विकास की नई रफ्तार देखने को मिलेगी।
समर्थकों ने किया जगह-जगह स्वागत
विक्रम चौधरी के सभापति निर्वाचित होने के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। नगर परिषद से अपने निवास की ओर रवाना हुए विक्रम चौधरी का रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समर्थकों और लोगों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों ने खुशी जताई और उनके साथ जुलूस के रूप में आगे बढ़े।
Image Source : reporter inputसमर्थकों ने विक्रम चौधरी का स्वागत किया।
बहुमत के बावजूद कांग्रेस नहीं बना सकी बोर्ड
गौरतलब है कि खैरथल नगर परिषद में इस बार कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी, जबकि भाजपा के 8 और निर्दलीय 17 पार्षद निर्वाचित हुए थे। 45 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा 23 है। सभापति चुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी भाजपा में शामिल हुए और भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे। इसके बाद मुकाबला सीधे विक्रम चौधरी और ओमप्रकाश रोघा के बीच रह गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद खैरथल की राजनीति में एक बार फिर सियासी समीकरणों और दलगत एकजुटता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सभापति पद हासिल नहीं कर सकी और अंततः 22-22 की बराबरी के बाद निकली पर्ची ने खैरथल नगर परिषद की अगली राजनीतिक दिशा तय कर दी। वहीं, पाली और अजमेर के मेयर चुनाव में BJP ने बड़ा उलटफेर किया है। यहां ज्यादा सीटें होने के बावजूद कांग्रेस हार गई है।
(रिपोर्ट- नेहा गौड़)
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