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राजस्थान में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की है जरूरत? जानें पूरा गणित

राजस्थान में इस बार हुए विधानसभा चुनाव में 2018 की तुलना में ज्यादा मतदान हुआ है। इस वर्ष प्रदेश में 75.45 फीसदी मतदान हुआ। 2023 के विधानसभा चुनाव में पिछली बार की तुलना में 0.73 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है।

ashok gehlot vasundhara raje- India TV Hindi Image Source : INDIA TV अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे

राजस्थान में 200 सीटों वाली विधानसभा की 199 सीटों पर 25 नवंबर को वोट डाले गए थे और आज नतीजे आ रहे हैं। श्रीगंगानगर जिले की करणपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी की मौत की वजह से चुनाव स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, राजस्थान में पिछले तीन विधानसभा चुनाव 199 सीटों पर ही हुए हैं और एक सीट पर चुनाव बाद के लिए टाला गया है। प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर जीत का दावा कर रहे हैं वहीं, बीजेपी जनता के मन को जीतकर चुनाव जीतने की कोशिश में हैं। बीजेपी ने कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा, 6 सांसदों और 1 राज्यसभा सांसद समेत 59 मौजूदा विधायकों पर दांव  लगाया है। वहीं कांग्रेस ने 7 निर्दलीय विधायकों और एक बीजेपी विधायक  शोभारानी कुशवाह समेत 97 विधायकों को मैदान में उतारा है।

बहुमत के लिए कितनी सीटों की जरूरत?

राजस्थान में बहुमत छूने के लिए 101 सीटों का आंकड़ा चाहिए होता है लेकिन इस बार 199 सीटों पर मतदान हुआ है। इसलिए किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 100 सीटों की जरूरत है। राजस्थान का फाइनल रिजल्ट आने में अब थोड़ा ही वक्त बचा है लेकिन सूबे में जोड़-तोड़ का सियासी खेल शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इस बार निर्दलीय किंगमेकर बन सकते हैं। छोटे दलों के विधायकों का बड़ा रोल हो सकता है इसलिए रिजल्ट आने से पहले ही बीजेपी ने वसुंधरा राजे को फ्री हैंड दे दिया है और वसुंधरा भी इन सबको सेट करने के मिशन में लग गई हैं।

क्या कहता है एग्जिट पोल?

वहीं अगर बात करें 199 सीटों के फाइनल आंकड़े की तो यहां कांग्रेस पार्टी बढ़त बनाते हुए दिख रही है। इंडिया टीवी - CNX के आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस इस बार रिवाज बदलने जा रही है और दोबारा सरकार बनाते हुए दिख रही है। फिलहाल यह आंकड़ा 199 सीटों का है, क्योंकि 1 सीट पर चुनाव नहीं हुआ था। यहां कांग्रेस को 94 से 104 सीटें मिल सकती हैं, वहीं बीजेपी को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं और अन्य इस बार किंगमेकर बंटे हुए दिख रहे हैं। वह इस बार 14 से 18 सीटें हासिल कर सकते हैं।

राजस्थान में 75.45 फीसदी वोटिंग

राजस्थान में इस बार हुए विधानसभा चुनाव में 2018 की तुलना में ज्यादा मतदान हुआ है। इस वर्ष प्रदेश में 75.45 फीसदी मतदान हुआ। 2023 के विधानसभा चुनाव में पिछली बार की तुलना में 0.73 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। इसमें डाक मत पत्रों के जरिए हुआ 0.83 प्रतिशत मतदान भी शामिल है। राजस्थान में शनिवार को 200 में से 199 विधानसभा क्षेत्रों के 51000 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि कुल 75.45 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 25 नवंबर को ईवीएम से कुल 74.62 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने बताया कि 74.53 प्रतिशत पुरुषों ने और 74.72 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया। उन्होंने बताया कि 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में 74.71 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें पुरुषों ने 74.75 प्रतिशत और महिलाओं ने 74.67 फीसदी मतदान किया था।

कई दिग्गजों ने लड़ा चुनाव

चुनाव में अधिकतर सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला था। इस चुनाव में हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। कांग्रेस का लक्ष्य हर पांच साल में राज्य में सरकार बदलने के रिवाज को खत्म करने का है जबकि भाजपा अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले राज्य की सत्ता में वापसी करना चाहती है। चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में कांग्रेस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जबकि भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ और विपक्ष के उप नेता सतीश पूनिया शामिल रहे। 199 सीटों पर कुल 1,862 उम्मीदवार मैदान में थे।