जयपुर: राजस्थान हाई कोर्ट में रविवार को निकाय चुनाव से जुड़े मामलों को लेकर असाधारण न्यायिक घटनाक्रम देखने को मिला। चुनावी याचिकाओं की तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ. जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर रविवार को ही एकल पीठों का गठन किया गया।
रात करीब 10 बजे डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की एकल पीठ गठित की गई
इसी बीच, हनुमानगढ़ के करीब 9 पार्षदों की ओर से पुलिस सुरक्षा की मांग और संभावित कार्रवाई के संबंध में याचिकाएं दायर की गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 10 बजे डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की एकल पीठ गठित की गई। पीठ ने रात 10 बजे के बाद सुनवाई शुरू की, जो रात 11 बजे तक जारी रही।
देर रात करीब 12 बजे आदेश जारी किया गया
आखिरकार, देर रात करीब 12 बजे आदेश जारी किया गया। याचिकाकर्ता पार्षदों को राहत देते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। रविवार को आधा दर्जन से अधिक चुनाव संबंधी याचिकाएं दायर हुई थीं।
सोमवार को कई निकायों में सभापति और चेयरमैन के चुनाव प्रस्तावित होने के चलते याचिकाकर्ताओं ने तत्काल राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। रात 11 बजे तक सुनवाई और मध्यरात्रि के करीब आदेश जारी होने का यह घटनाक्रम चर्चा में है।
इसे महिला न्यायाधीश के तौर पर डॉक्टर जस्टिस नूपुर भाटी के नाम दर्ज एक अनोखे रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले जस्टिस कांता भटनागर के नाम रात 10 बजे तक सुनवाई करने का उल्लेखनीय रिकॉर्ड रहा है।
पहले भी चर्चा में रहा है राजस्थान हाई कोर्ट
इससे पहले राजस्थान हाई कोर्ट उस वक्त चर्चा में आया था, जब ये खबर सामने आई थी कि राजस्थान हाई कोर्ट का 21 मीटर ऊंचा डोम कभी भी गिर सकता है, IIT बॉम्बे की रिपोर्ट पर अदालत ने इस मामले को स्वतः संज्ञान में लिया था।
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ के भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया था। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लिया था और इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
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