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बुधवार को इतने बजे किया जाएगा परिवर्तिनी एकादशी का पारण, जान लीजिए व्रत खोलने का सही नियम

एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व होता है। परिवर्तिनी एकादशी का पारण 23 सितंबर 2026 को किया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में अपना व्रत खोलें तभी पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

परिवर्तिनी एकादशी पारण 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV परिवर्तिनी एकादशी पारण 2026

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी व्रत करने का विधान है। इसे वामन या पार्श्व एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपने योग निद्रा के दौरान करवट बदलते हैं। परिवर्तिनी एकादशी के दिन नारायण के वामन अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 23 सितंबर 2026 को रखा गया था। बता दें कि एकादशी का पारण दूसरे दिन सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है। एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व होता है। पारण का अर्थ है व्रत खोलना। किसी भी एकादशी का पारण व्रत के दूसरे दिन द्वादशी तिथि के अंदर किया जाता है। तो चलिए जानते हैं परिवर्तिनी एकादशी पारण का शुभ मुहूर्त और नियम के बारे में।

परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण मुहूर्त

परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण 23 सितंबर 2026 को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 27 मिनट से सुबह 8 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। यह मुहूर्त एकादशी व्रत पारण के लिए अति उत्तम माना जा रहा है। वहीं पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 10 बजकर 50 मिनट पर होगा। बता दें कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले अत्यंत जरूरी होता है। द्वादशी तिथि के अंदर पारण न करना पाप के समान माना जाता है।

एकादशी व्रत खोलने का सही नियम

  • एकादशी पारण के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करें और साफ वस्त्र पहनें।
  • इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी कि विधि-विधान के साथ पूजा करें।
  • फिर विष्णु जी को फल, फूल, मिठाई और भोग अर्पित करें। भोग में तुलसी जरूर रखें।
  • पारण करने से पहले अपनी क्षमतानुसार किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन, अनाज का दान करें।
  • इसके बाद तुलसी और जल लेकर एकादशी व्रत का पारण करें। 
  • पारण के दिन बिना लहसुन-प्याज वाला सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
  • एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान नहीं करना चाहिए। जो श्रद्धालु व्रत कर रहे हैं उन्हें व्रत तोड़ने से पहले हरि वासर समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए।
  • पारण के दिन कुछ भी अन्न या नमक खाने से पहले तुलसी का सेवन करें उसके बाद ही भोजन ग्रहण करें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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