सूर्य का कन्या राशि में गोचर, 30 दिनों तक किसका चमकेगा भाग्य और किसे रहना होगा सावधान, जानिए 12 राशियों पर असर और उपाय
17 सितंबर को सूर्यदेव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और अगले 30 दिनों तक इसी राशि में गोचर करेंगे। सूर्य के कन्या राशि में गोचर का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा। जानिए सभी राशियों पर सूर्य के इस गोचर का असर और शुभ फल प्राप्ति के लिए कौन से उपाय कर सकते हैं।

सूर्यदेव 17 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और 17 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों को करियर, धन, स्वास्थ्य और रिश्तों में लाभ मिलेगा, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। चलिए बात करके हैं कि सूर्य के कन्या राशि में इस गोचर से आने वाले 30 दिनों के दौरान विभिन्न राशि वालों पर क्या असर होगा और उसके लिये आपको कौन-से उपाय करने होंगे। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए सूर्य की कन्या संक्रांति का राशिफल।
सूर्य की संक्रांति और पुण्यकाल
17 सितंबर को सुबह 7 बजकर 52 मिनट पर सूर्यदेव सिंह से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और अगले महीने यानि 17 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 50 मिनट तक कन्या राशि में ही गोचर करते रहेंगे।किसी भी संक्रांति में पुण्यकाल का बहुत महत्व होता है। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व बताया गया है। सूर्य की कन्या संक्रांति के दौरान गोदावरी नदी में स्नान-दान का महत्व है। सूर्य की इस कन्या संक्रांति का पुण्यकाल गुरुवार सुबह 7 बजकर 55 मिनट से दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक रहेगा।
मेष राशि
सूर्यदेव आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का सम्बन्ध हमारे मित्र, शत्रु तथा स्वास्थ्य से है। सूर्य के इस गोचर से आपके जीवन में मित्रों की वृद्धि होगी और जरूरत के वक्त उनका पूरा सहयोग आपको मिलेगा। शत्रु पक्ष आपसे दूरी बनाकर रहेगा। लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें। लिहाजा 17 अक्टूबर तक सूर्य के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए बंदर को गुड़ खिलाएं। साथ ही मंदिर में बाजरा दान करें।
वृष राशि
सूर्यदेव आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान का सम्बन्ध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। सूर्यदेव के इस गोचर से आपको विद्या का लाभ मिलेगा। आपको संतान पक्ष से सुख की प्राप्ति होगी। गुरु और जीवनसाथी के साथ भी अच्छे रिश्ते बनेंगे। तो अगले 30 दिनों तक इन सब चीज़ों का उचित लाभ उठाने के लिए छोटे बच्चों को कुछ गिफ्ट करें।
मिथुन राशि
सूर्यदेव आपके चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में चौथा स्थान जीवन में माता, भूमि-भवन और वाहन से संबंध रखता है। सूर्य के इस गोचर से आपको 17 अक्टूबर तक अपनी मेहनत के बल पर भूमि का लाभ, भवन का लाभ और वाहन का लाभ मिलेगा। साथ ही माता का सहयोग भी बना रहेगा। लिहाजा सूर्य के शुभ फल बनाये रखने के लिए किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।
कर्क राशि
सूर्यदेव आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे पराक्रम, भाई-बहन तथा यश से है। सूर्य के इस गोचर से आपको अपने भाई-बहनों से आशा अनुसार साथ नहीं मिल पायेगा और आप खुलकर दूसरों के आगे अपनी बात रखने में संकोच करेंगे। तो भाई-बहनों का पूरा साथ पाने के लिए और अपनी अभिव्यक्ति की आजादी को कायम रखने के लिए 17 अक्टूबर तक धार्मिक कार्यों में सहयोग देते रहें।
सिंह राशि
सूर्यदेव आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे धन तथा स्वभाव से है। सूर्य के इस गोचर से आपके धन में वृद्धि होने के आसार कम हैं, लेकिन अगर मेहनत करेंगे तो आपको उचित फल प्राप्त हो सकते हैं। इस दौरान आपके स्वभाव में बदलाव आएगा। तो अपने पास धन का फ्लो बढ़ाने के लिये आपको 17 अक्टूबर तक किसी धर्मस्थल या मंदिर में नारियल का दान करना चाहिए।
कन्या राशि
सूर्यदेव आपके लग्न स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का सम्बन्ध हमारे शरीर तथा मुख से है। अतः इस स्थान पर सूर्यदेव के गोचर से आपको कई तरह के फायदे होंगे। आपको धन की प्राप्ति होगी, आपके यश-सम्मान में बढ़ोतरी होगी और लवमेट्स के साथ आपके रिश्ते मजबूत होंगे। साथ ही आपकी संतान को न्यायालय से लाभ मिलेगा। तो सूर्यदेव के इन शुभ फलों को बनाये रखने के लिए 17 अक्टूबर तक रोज सुबह स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को नमस्कार करें।
तुला राशि
तुला राशि वालों सूर्यदेव आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में बारहवें स्थान का संबंध शैय्या सुख से है, परन्तु इस स्थान का संबंध व्यय से भी है। अतः सूर्य के इस गोचर से आपको शैय्या सुख तो मिलेगा, लेकिन आपके खर्चें भी बहुत हद तक बढ़ जायेंगे। तो सूर्यदेव के अशुभ फलों से बचने के लिए और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये 17 अक्टूबर तक अपने घर की खिड़की और दरवाजे खुले रखें, ताकि आपके घर के एक-एक कोने में सूर्य की किरणें पहुंच सके।
वृश्चिक राशि
सूर्यदेव आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में ग्यारहवें स्थान का संबंध आमदनी और कामना पूर्ति से है। सूर्य के इस गोचर से मेहनत के बल पर आपकी आमदनी में वृद्धि होगी। आपको धन लाभ के अवसर मिलेंगे और आपके काम बनेंगे। इस दौरान आपकी कोई इच्छा पुरी हो सकती है। लिहाजा सूर्य के शुभ फलों को सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये रात के समय अपने सिरहाने पर 5 बादाम रखकर सोएं और अगले दिन सुबह उठकर उन्हें किसी धर्मस्थल या मंदिर में दान कर दें।
धनु राशि
धनु राशि वालों सूर्यदेव आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में दसवें स्थान का संबंध करियर, राज्य और पिता से है। सूर्य के इस गोचर से आपको अपने करियर में सफलता अवश्य मिलेगी, साथ ही आपके पिता के काम भी बनेंगे। इस दौरान कोई प्रशासनिक कर पूरा हो जायेगा। लिहाजा अपने करियर में और पिता के कार्यों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए आज से 17 अक्टूबर तक घर से बाहर निकलते समय अपना सिर ढक्कर जायें। आप सिर पर सफेद रंग की टोपी या पगड़ी पहन सकते हैं।
मकर राशि
सूर्यदेव आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का सम्बन्ध हमारे भाग्य से होता है। इस स्थान पर सूर्यदेव के गोचर से आपको अपने कार्यों में भाग्य का उतना साथ नहीं मिल पायेगा। आपको अपने कार्यों में कड़ी मेहनत की जरूरत है, तभी आपको सफलता मिल सकती है। लिहाजा अपने कार्यों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए और अशुभ फलों से बचने के लिये घर में पीतल के बर्तन का उपयोग करें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि किसी को भी 17 अक्टूबर तक पीतल की कोई चीज गिफ्ट में न दें और न ही दान करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों सूर्यदेव आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में आठवें स्थान का संबंध हमारी आयु से है। अतः सूर्य के इस गोचर से आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। अतः अपने बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिये लिए और साथ ही लंबी आयु की प्राप्ति के लिए अगले 30 दिनों के दौरान काली गाय की सेवा करें। साथ ही जब भी मौका मिले, बड़े भाई की मदद करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों सूर्यदेव आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में सातवें स्थान का संबंध जीवनसाथी से है, आपके दाम्पत्य जीवन से है। सूर्य के इस गोचर से आपके दाम्पत्य रिश्ते मधुर होंगे। रुके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी। तो जीवनसाथी के साथ अपने रिश्ते को मधुर बनाये रखने के लिये और किसी भी तरह की अशुभ स्थिति से बचने के लिये अगले 30 दिनों के दौरान अपने भोजन में से एक हिस्सा निकालकर किसी जरूरतमंद को खिलाएं।