ज्योतिष शास्त्र में राहु को छाया ग्रह माना जाता है, जिसकी चाल को अचानक होने वाले बदलावों और अप्रत्याशित परिणामों से जोड़कर देखा जाता है। वहीं मकर राशि कर्म, अनुशासन और मेहनत के बाद मिलने वाली स्थायी सफलता का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में राहु का मकर राशि में प्रवेश कुछ राशियों के लिए महत्वपूर्ण है। इनके करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कौन-सी राशियों को लाभ मिल सकता है।
कब बदलेगी राहु की चाल?
द्रिक पंचांग के अनुसार, 25 नवंबर 2026 को राहु कुंभ से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद वह जून 2028 तक मकर राशि में रहेंगे। धर्म और ज्योतिष अनुसार, राहु का यह गोचर कुछ राशि के जातकों के लिए अचानक लाभ और सफलता के नए रास्ते खोल सकता है।
राहु का मकर में प्रवेश इन 4 राशियों के लिए शुभ
मेष राशि: इन जातकों के लिए राहु गोचर तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके कामों में तेजी आने के योग हैं। वर्कप्लेस पर सीनियर्स और कलीग्स की मदद मिलेगी। नौकरी में मनचाहा बदलाव या प्रमोशन मिलने की संभावना है। नया काम शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।
सिंह राशि: आपके लिए यह गोचर आर्थिक और व्यावहारिक मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। विरोधियों की चुनौतियां कम हो सकती हैं और पर्दे के पीछे से मदद करने वाले लोगों का साथ मिल सकता है। पुराने कर्ज से राहत मिलने, आर्थिक सहायता प्राप्त होने और कानूनी मामलों के सुलझने के योग बन सकते हैं। जमीन-जायदाद से भी लाभ संभव है।
तुला राशि: इन जातकों के लिए राहु का गोचर सुख-सुविधाओं में वृद्धि कर सकता है। परिवार और रिश्तेदारों से सहयोग मिलेगा। पैतृक जमीन से जुड़ा कोई पुराना मामला सुलझ सकता है। नया मकान या संपत्ति खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है। निवेश के क्षेत्र में भी लाभ के अवसर बन सकते हैं, हालांकि फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।
मकर राशि: मकर राशि में ही राहु का प्रवेश होने से इन जातकों के लिए यह समय खास माना जा रहा है। व्यक्तित्व में आत्मविश्वास और सामाजिक प्रभाव बढ़ सकता है। महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नए रास्ते मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को विस्तार और आर्थिक लाभ के अवसर हैं। राजनीति या सामाजिक क्षेत्र वालों के लिए प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ने के संकेत हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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