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17 सितंबर को मनाई जाएगी कन्या संक्रांति, सूर्य देव को इन उपायों से कर सकते हैं प्रसन्न, करियर की अड़चनें होंगी दूर!

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 16, 2026 09:35 am IST,  Updated : Sep 16, 2026 09:35 am IST

17 सितंबर को कन्या संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन महापुण्य काल में सूर्य देव की पूजा, दान के साथ कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं, जिन्हें तरक्की की बाधाओं से राहत में लाभकारी माना जाता है। जानिए कौन से उपाय करियर की रुकावटें दूर करने में कारगर बताए हैं।

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सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय Image Source : PINTEREST

संक्रांति तिथि को सूर्य उपासना के लिए विशेष माना जाता है। जब सूर्य एक से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। सितंबर में सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करने वाले हैं, इसलिए इसे कन्या संक्रांति कहा जाएगा। इस दिन स्नान, दान और सूर्य देव की पूजा करने की परंपरा है। ज्योतिषीय के अनुसार, सूर्य से जुड़े दोषों से राहत पाने और जीवन में सकारात्मकता के लिए इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों को करियर में आ रही रुकावटों को दूर करने में कारगर माना जाता है।

17 सितंबर को है कन्या संक्रांति

वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसी समय कन्या संक्रांति का क्षण माना जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे शुभ संयोग में पूजा-पाठ और दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।

महापुण्य काल में करें स्नान

कन्या संक्रांति का महापुण्य काल सुबह 7:58 बजे से 10:01 बजे तक रहेगा। इस दौरान पवित्र नदी या घर पर स्नान करके सूर्य देव की पूजा करना शुभ बताया है। अगर किसी कारण से महापुण्य काल में स्नान-दान न कर पाएं, तो सुबह 7:58 बजे से दोपहर 2:31 बजे तक रहने वाले पुण्य काल में ये कार्य किए जा सकते हैं।

सूर्य देव को दें अर्घ्य

स्नान के बाद तांबे के लोटे में साफ और ताजा जल भरें। इसमें लाल फूल, लाल चंदन और थोड़ा गुड़ डालकर 'ॐ सूर्य देवाय नमः' मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और सूर्य देव की आरती कर सकते हैं। ज्योतिषीय के अनुसार, नियमित सूर्य उपासना आत्मविश्वास बढ़ाने और कार्यों में सफलता के लिए शुभ मानी जाती है।

सूर्य से जुड़ी चीजों का दान

कन्या संक्रांति पर सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है। अपने सामर्थ्य अनुसार गुड़, गेहूं, लाल चंदन, लाल वस्त्र, लाल फूल और तांबे के बर्तन का दान करें। मान्यता है कि इससे सूर्य देव की कृपा और सूर्य से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है।

मंत्र जाप और बड़ों की सेवा

इस दिन लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से 'ॐ घृणिः सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। माता-पिता और बड़ों का आशीर्वाद लेना भी शुभ माना जाता है। जिनके माता-पिता नहीं हैं, वे पितरों को जल से तर्पण कर सकते हैं। पितरों का आशीर्वाद मिलने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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