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शुभ काम में काला रंग वर्जित, फिर मंगलसूत्र में काले मोती क्यों हैं जरूरी? जानें धार्मिक मान्यता

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 15, 2026 09:24 pm IST,  Updated : Sep 15, 2026 09:24 pm IST

मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन से जुड़ा एक खास प्रतीक है। यही वजह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले हर तत्व खास महत्व रखता है। लेकिन काले रंग को लेकर जो आम धारणा के बीच मंगलसूत्र में काले मोतियों का होना अपने आप में एक खास बात है। जानें आखिर इसके पीछे क्या मान्यता है।

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मंगलसूत्र में काले मोती क्यों हैं जरूरी? Image Source : PINTEREST

मंगलसूत्र को सुहाग की महत्वपूर्ण निशानी माना जाता है। आमतौर पर मंगलसूत्र में सोने के साथ काले मोतियों का इस्तेमाल किया जाता है। यहां एक सवाल अक्सर मन में आता है कि जब हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के दौरान काले रंग को पहनने या इस्तेमाल करने से बचने की परंपरा है, तो मंगलसूत्र में काले मोतियों को विशेष स्थान क्यों दिया गया है? जानिए इसके पीछे क्या धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं।

काले मोती क्यों खास

  • बुरी नजर से राहत: सनातन धर्म की परंपरा में मंगलसूत्र को विवाह के बाद सुहाग की निशानी के रूप में धारण किया जाता है। इसमें मौजूद काले मोतियों को लेकर मान्यता है कि ये नकारात्मक प्रभाव और बुरी नजर से बचाने वाले सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। जैसे बुरी नजर से बचने के लिए काला टीका लगाते हैं, उसी तरह मंगलसूत्र के काले मोतियों को दांपत्य जीवन की रक्षा से जोड़ा जाता है।
  • शिव-शक्ति का प्रतीक: मंगलसूत्र को भगवान शिव और मां पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इसमें मौजूद सोना शक्ति और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि काले मोतियों को भगवान शिव से जोड़ा जाता है। इस तरह मंगलसूत्र में दोनों तत्वों का साथ पति-पत्नी के रिश्ते में संतुलन, मजबूती और सुरक्षा का प्रतीक है।
  • ज्योतिष से भी है संबंध: मंगलसूत्र के काले मोतियों और सोने को ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। सोने का संबंध गुरु ग्रह से जोड़ा जाता है, जिसे सुख, समृद्धि, ज्ञान और संतान का कारक माना गया है। वहीं काले रंग को शनि से संबंधित माना जाता है। इस वजह से मंगलसूत्र के इन दोनों तत्वों को वैवाहिक जीवन में स्थिरता और संतुलन से जोड़कर देखा जाता है।
  • अनाहत चक्र: मंगलसूत्र आमतौर पर गले में इस तरह रहता है कि उसका लॉकेट और मोती सीने के ऊपरी हिस्से के पास आते हैं। योग से जुड़ी मान्यताओं में इस क्षेत्र को अनाहत चक्र से संबंधित माना जाता है। मान्यता है कि मंगलसूत्र का यह स्थान भावनात्मक जुड़ाव और दांपत्य जीवन में प्रेम व सामंजस्य से जुड़ा प्रभाव रखता है।

सुहाग की निशानी में काला रंग शुभ क्यों

इस तरह मंगलसूत्र में काले मोतियों का इस्तेमाल सामान्य शुभ कार्यों में काला रंग पहनने की परंपरा से अलग माना जाता है। यहां काले रंग को अशुभता के बजाय सुरक्षा और नकारात्मक प्रभावों से बचाव के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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