हर साल गणेश चतुर्थी के दिन से 10 दिवसीय गणपति उत्सव का आरंभ होता है जो कि अनंत चतुर्दशी तक चलता है। इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी मनाई गई थी। गणपति उत्सव के दौरान गौरी पुत्र गणेश जी विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। बप्पा को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन भक्तगण बप्पा की मूर्ति प्रेम और भक्ति भाव के साथ अपने घर लाते हैं और विधिपूर्वक स्थापित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि गणपति जी को स्थापित करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता का वास होता है। बप्पा की कृपा से हर काम शुभ-शुभ संपन्न होते हैं।
कई श्रद्धालु पूरे 10 दिनों गणेश जी की मूर्ति को अपने घर में रखते हैं तो वहीं कुछ भक्तगण डेढ़, 3, 5 और 7 दिन के लिए बप्पा को स्थापित करते हैं। आखिर दिन विधिवत और शुभ मुहूर्त में गणेश जी को विदाई देते हैं। तो अगर आपने अपने घर में गणपति जी को 3 दिन के लिए विराजमान किया है तो यहां जानिए लीजिए गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और नियम।
तीसरे दिन गणेश विसर्जन 2026 शुभ मुहूर्त
अगर आपने अपने घर में तीन दिन के लिए गणेश जी को विराजमान किया है तो तीसरे दिन यानी 16 सितंबर को गणपति जी की विसर्जन किया जाएगा। बप्पा की विदाई के लिए पहला मुहूर्त सुबह 10 बजकर 46 मिनट से आरंभ होगा और दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
तीसरे दिन गणेश विसर्जन 2026 शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- प्रातः मुहूर्त (शुभ) - 11:01 ए एम से 12:33 पी एम
- अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ) - 03:37 पी एम से 06:40 पी एम
- सायाह्न मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 08:09 पी एम से 12:33 ए एम, सितंबर 17
- उषाकाल मुहूर्त (लाभ) - 03:30 ए एम से 04:58 ए एम, सितंबर 17
- प्रातः मुहूर्त (लाभ, अमृत) - 06:26 ए एम से 09:30 ए एम
गणेश विसर्जन की सही विधि और नियम
- विसर्जन से पहले बप्पा की विधिपूर्वक पूजा करें।
- गणेश जी को दूर्वा, फूल और मोदक, बूंदी के लड्डू और फल अर्पित करें।
- पूरे परिवार के गणपति की आरती करें।
- सम्मानपूर्वक और भक्ति भाव से गणेश की प्रतिमा को उठाकर विसर्जन स्थान तक ले जाएं।
- विसर्जन से पहले बप्पा से जाने अनजाने में हुई गलती की माफी मांगें और परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
- इसके बाद श्रद्धापूर्वक गणेश जी प्रतिमा का विसर्जन करें और 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' का जयकारा लगाएं।
- बप्पा की विदाई से पहले आपको घर में गणेश जी को ले जाने वाले मार्ग पर अक्षत बिखेरें।
- गणेश की मूर्ति को नंगे पांव विसर्जन के स्थान तक ले जाएं।
- विसर्जन के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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