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10 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शनिवार तो सर्वपितृ और शनिश्चरी अमावस्या का संयोग, जानें मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

अमावस्या तिथि शनिवार रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। 10 अक्टूबर को स्नानदान श्राद्ध आदि की शनिश्चरी अमावस्या है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

शनिवार का दैनिक पंचांग- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV शनिवार का दैनिक पंचांग

10 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और शनिवार का दिन है। अमावस्या तिथि शनिवार रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। 10 अक्टूबर को स्नानदान श्राद्ध आदि की शनिश्चरी अमावस्या है।  10 अक्टूबर को  सर्वपितृ अमावस्या रहेगी। शनिवार अमावस्या तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा। शनिवार को रात 10 बजकर 3 मिनट तक इंद्र योग रहेगा। साथ ही  सर्वपितृ अमावस्या को रात 9 बजकर 43 मिनट तक हस्त नक्षत्र रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शनिवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। 

10 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि- 10 अक्टूबर 2026 को   रात 9 बजकर 20 मिनट तक 
  • इंद्र योग- 10 अक्टूबर 2026 को रात 10 बजकर 3 मिनट तक
  •  हस्त नक्षत्र - 10 अक्टूबर 2026 को रात 9 बजकर 43 मिनट तक
  • 10 अक्टूबर 2026 विशेष-  सर्वपितृ अमावस्या,  शनिश्चरी अमावस्या

10 अक्टूबर 2026 शुभ मुहूर्त

  • कुतुप मूहूर्त - 11:45 ए एम से 12:31 पी एम
  • रौहिण मूहूर्त - 12:31 पी एम से 01:18 पी एम
  • अपराह्न काल - 01:18 पी एम से 03:37 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 09:14 से सुबह 10:41 तक
  • मुंबई- सुबह 09:29 से सुबह 10:57 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 09:16 से सुबह 10:43 तक
  • लखनऊ- सुबह 08:58 से सुबह 10:26 तक
  • भोपाल- सुबह 09:11 से सुबह 10:39 तक
  • कोलकाता- सुबह 08:27 से सुबह 09:55 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 09:30 से सुबह 10:58 तक
  • चेन्नई- सुबह 08:57 से सुबह 10:27 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 06:03 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 06:32 बजे

सर्वपितृ अमावस्या 

शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध किया जायेगा। जिनका स्वर्गवास किसी भी महीने की अमावस्या को हुआ हो, उनका श्राद्ध कार्य आज किया जायेगा। इस दिन अज्ञात तिथि वालों का श्राद्ध भी किया जायेगा। अज्ञात से यहां मतलब उन लोगों से है, जिनके स्वर्गवास की तिथि ज्ञात न हो। इसके अलावा पितृ विसर्जन भी आज ही किया जायेगा और सर्वपैत्री भी आज ही मनायी जाएगी। जो लोग श्राद्ध के बीते दिनों में किसी कारणवश अपने स्वर्गवासी पूर्वजों का श्राद्ध न कर पाये हों या श्राद्ध करना भूल गए हों, वो भी आज श्राद्ध कार्य करके लाभ उठा सकते हैं। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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