1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Masik Krishna Janmashtami 2026: कब रखा जाएगा अधिकमास की कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Masik Krishna Janmashtami 2026: कब रखा जाएगा अधिकमास की कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Adhikmas Masik Krishna Janmashtami 2026: हर महीने मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। अधिकमास की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा और व्रत करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है। जानें अधिकमास 2026 जन्माष्टमी डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है।

Adhikmas Masik Krishna Janmashtami 2026- India TV Hindi
Image Source : FILE IMAGE अधिकमास 2026 कृष्ण जन्माष्टमी

Adhikmas Masik Krishna Janmashtami 2026: हर माह आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु के 8वें अवतार भगवान कृष्ण की पूजा, स्मरण और उपवास के लिए समर्पित है। समातन धर्म शास्त्रों के अनुसार, द्वापर युग में भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास (अगस्त-सितंबर) की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि में हुआ था, जिसके बाद से यह तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस तरह हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है। चलिए जानते हैं अधिकमास 2026 की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब है?, साथ ही पुरुषोत्तम मास की इस कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि भी दी जा रही है। 

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कृष्ण जी की पूजा और व्रत रखने से जीवन में खुशहाली आती है। सच्चे मन से किए गए व्रत और उपासना से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद भी मिलता है। वहीं, इस समय अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास चल रहा है, जो भगवान विष्णु को समर्पित हैं। ऐसे में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।  

अधिकमास मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुभ मुहूर्त

  • ज्येष्ठ अधिकमास 2026 में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 8 जून, दिन सोमवार को रखा जाएगा। 
  • मासिक कृष्ण जन्माष्टमी ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 42 मिनट तक रहेगा
  • इस दिन अभिजित मुहूर्त 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
  • सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त शाम 7 बजकर 18 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। 

ऐसे करें मासिक कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा 

  • मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन व्रती सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के साफ-सुथरे कपड़े पहनें। 
  • इसके बाद घर के मंदिर की सफाई करें।
  • अब यहां एक चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा रखें।
  • इसके बाद हाथ में जल, फूल, तुलसी का पत्ता लेकर मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत का संकल्प लें। 
  • कृष्ण प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक करके उन्हें नए वस्त्र पहनाएं और उनका शृंगार करें. 
  • कृष्ण जी को चंदन का तिलक करें और पीले रंग के फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। 
  • अब मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप लगाएं। 
  • इसके बाद मंत्र जाप करें, आरती करके अपनी पूजा का समापन करें। 
  • रात 12 बजे के बाद या अगले दिन सूर्योदय के बाद पूजा करके अपने व्रत का पारण करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: मिथुन संक्रांति कब है? इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में करें ये शुभ काम, जानें डेट और महा पुण्यकाल समय