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अशून्य शयन द्वितीया पर करें ये अचूक उपाय, दांपत्य जीवन में बढ़ेगा प्रेम, सुख-समृद्धि की होगी प्राप्ति

सोमवार को अशून्य शयन द्वितीया का व्रत किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। इसके अलावा इस दिन इन खास उपायों को करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। तो यहां जानिए अशून्य शयन द्वितीया के उपायों के बारे में।

अशून्य शयन द्वितीया व्रत के उपाय- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV अशून्य शयन द्वितीया व्रत के उपाय

28 सितंबर 2026 को अशून्य शयन द्वितीया का व्रत किया जाएगा। चातुर्मास के दौरान पड़ने वाले प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को अशून्य शयन व्रत किया जाता है। इस व्रत को करने से जीवन भर पति-पत्नी का साथ बना रहता है और रिश्ते में मजबूती आती है। दरअसल अशून्य शयन द्वितीया का अर्थ ही होता है कि अकेले न सोना पड़े यानि लंबे समय तक दोनों का साथ बना रहे। इस दिन पति इस व्रत को करके अपने जीवनसाथी का साथ सुनिश्चित कर सकता है।

अशून्य शयन द्वितीया व्रत में मां लक्ष्मी और श्री विष्णु की पूजा का विधान है। आज पूरा दिन व्रत करके शाम को चंद्रोदय होने पर चंद्र देव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। तो आपको बता दें कि इस दिन शाम 7 बजकर 1 मिनट पर चंद्रोदय होगा। तो आइए अब आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं  अशून्य शयन व्रत के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।

- अगर आप अपने दांपत्य जीवन को मजबूत बनाना चाहते हैं तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन स्नान आदि के बाद एक कटोरी में थोड़ा-सा घिसा हुआ पीला चंदन लेकर, माँ लक्ष्मी और विष्णु जी को तिलक लगाएं। फिर उसी कटोरी से चंदन लेकर स्वयं के और अपने जीवनसाथी के मस्तक पर भी तिलक लगाएं।

- अगर आप अपने परिवार के सुख-सौभाग्य में बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन एक 5 मुखी रुद्राक्ष, एक साबुत हल्दी, गोमती चक्र, कौड़ी और गुंजाफल के दाने लेकर एक सौभाग्य पोटली बनाएं और इस पोटली को श्री विष्णु पूजा के समय भगवान के पास रखें। पूजा के बाद इस सौभाग्य पोटली को उठाकर अपने घर के मंदिर में रख दें।

- अगर आप जीवनसाथी के साथ अपने प्रेम को बढ़ाना चाहते हैं तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन सात तुलसी की पत्तियां लेकर, उन पर थोड़ा-सा चीनी का बताशा रखकर विष्णु जी को अर्पित करें।

- अगर आप अपने मान-सम्मान और वैभव में बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन स्नान आदि के बाद मीठी पूड़ियों का चूरमा बनाकर पक्षियों को खिलाएं। साथ ही एक मिट्टी के बर्तन में पक्षियों के लिए पानी भरकर रखें। यहां एक बात का खास ख्याल रखना है की पूड़ियों का चूरमा तथा पानी कबूतरों को नहीं डालना है।

- अगर आप अपने जीवनसाथी के व्यवहार को अपने प्रति नरम बनाना चाहते हैं तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन एक मौली लेकर श्री विष्णु की तस्वीर के पास रख दें और आसन बिछाकर बैठ जाएं। साथ ही लक्ष्मी नारायण के मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है-'ऊँ नमो भगवते लक्ष्मी नारायणाय।' मंत्र पढ़ने के बाद भगवान के पास रखी उस मौली में से दो धागे निकालिये। एक धागा अपने दायें हाथ की अनामिका उंगली में बांधिये और दूसरा धागा अपने जीवनसाथी के बायें हाथ की अनामिका में बांधिये। दोनों लोग अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन पूरा दिन उस मौली को बांधे रहें और कल के दिन उसे निकालकर तुलसी के पौधे के नीचे रख आयें।

- अगर आपके दांपत्य रिश्ते में किसी कारणवश अनबन हो गई है तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन श्री विष्णु और लक्ष्मी जी के सामने घी का दीपक जलाएं और रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए प्रार्थना करें।

- अगर आपकी शादी को अभी कुछ ही साल हुए हैं और आपके विवाह के बंधन ढीले पड़ने लगे हैं, तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर श्री विष्णु का अभिषेक करें।

- अगर आप अपने दांपत्य जीवन में विश्वास बनाये रखना चाहते हैं तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन अपने जीवनसाथी के साथ तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें। साथ ही लक्ष्मी जी को खोये की मिठाई का भोग लगाएं और हाथ जोड़कर लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

- अगर आप अपने दांपत्य रिश्ते में खुशियां भर देना चाहते हैं और अपने रिश्ते को मधुर बनाना चाहते हैं, तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन एक इत्र की शीशी लेकर श्री विष्णु के चरणों में कुछ देर के लिये रख दीजिये। फिर भगवान की विधि-पूर्वक पूजा के बाद उस शीशी को वहां से उठाकर अपने पास रख लें और रोज स्नान आदि के बाद उसका इस्तेमाल करें।

- अगर आपके परिवार में आये दिन अनबन होती रहती है, तो उससे छुटकारा पाने के लिए और सबके बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिये अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन सोते समय अपने सिरहाने के नीचे कपूर की 2 टिकियाँ रखें। फिर अगले दिन स्नान आदि के बाद उस कपूर को घर की दक्षिण दिशा में जला दें।

- अगर आप चाहते हैं कि आपके व्यापार में जीवनसाथी का साथ मिले, तो उनका साथ पाने के लिए अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन दूध, चावल की खीर बनाएं, संभव हो तो उसमें थोड़ा-सा केसर और इलायची भी डालें। अब उस खीर का भगवान को भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद बची हुई खीर को प्रसाद के रूप में अपने जीवनसाथी को खिलाएं, साथ ही खुद भी थोड़ा प्रसाद जरूर खाएं।

- अगर कुछ लोगों की वजह से आपके दांपत्य रिश्ते में गलतफहमी बढ़ गयी है और इसका असर पूरे परिवार पर पड़ रहा है, तो अशून्य शयन द्वितीया व्रत के दिन स्नान आदि के बाद विष्णु मंदिर जाकर भगवान की विधिवत रोली, चंदन और पुष्प से पूजा करें। साथ ही उन्हें एकाक्षी नारियल अर्पित करें।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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