Mata Rani Ki Sawari Significance: इस बार चैत्र नवरात्रि में माता रानी पालकी पर सवार होकर आ रही है। मां दुर्गा की विदाई हाथी पर होगी। आपको बता दें कि देवी दुर्गा का वाहन सिंह होता है लेकिन जब माता रानी नवरात्रि में पृथ्वीलोक पर आती हैं तब उनकी सवारी बदल जाती है। नवरात्रि में मां अंबे का वाहन का अलग-अलग संकेत देता है। तो चलिए जानते हैं कि इस बार माता रानी की सवारी का क्या मतलब है। साथ ही जानेंगे कि देवी दुर्गा की सवारी कैसे तय की जाती और हर उनके क्या मायने होते हैं।
नवरात्रि में देवी दुर्गा का वाहन कैसे तय होता?
देवीभाग्वत पुराण के श्लोक- शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥ के अनुसार सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार देवी मां के आगमन का अलग-अलग वाहन बताया गया है।
1. जब नवरात्रि का आरंभ सोमवार या रविवार से होता है तब माता रानी की सवारी हाथी होती है। हाथी पर देवी मां का धरतीलोक पर आना अत्यंत ही शुभ संकेत माना जाता है।
2. मंगलवार या शनिवार को जब नवरात्रि की शुरुआत होती है तब देवी मां वाहन घोड़ा होता है। मां दुर्गा का घोड़ा पर अशुभ संकेत होता है।
3. जिस साल नवरात्रि की शुरुआत बुधवार से होती है उस बार मां भगवती का आगमन नाव पर होता है। देवी दुर्गा का नाव पर आना बहुत ही शुभ माना गया है।
4. नवरात्रि की शुरुआत जब गुरुवार और शुक्रवार से होती है तब माता रानी की सवारी पालकी होती है। मां दुर्गा का पालकी पर सवार होकर पृथ्वीलोक पर आना शुभ संकेत नहीं होता है।
चैत्र नवरात्रि 2026
इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है। चैत्र नवरात्रि का समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा पृथ्वीलोक पर पालकी पर सवार होकर आएंगी और प्रस्थान हाथी पर बैठकर करेंगी। माता की आगमन और प्रस्थान की सवारी बहुत खास होती है।
माता रानी का पालकी पर सवार होकर आना शुभ संकेत है। देश-दुनिया महामारी से जूझ सकती है। वहीं व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यह शुभ संकेत नहीं है। वहीं देवी दुर्गा का हाथी पर बैठकर प्रस्थान करना शुभ संकेत होता है। माता रानी का हाथी पर विदा होना समृद्धि और खुशहाली का संकेत होता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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