Diwali 2025: साल 2025 में दिवाली का त्योहार 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन शाम के वक्त माता लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस साल लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ समय शाम 5 बजकर 46 मिनट से शुरू होगा इसके बाद आप अर्धरात्रि तक माता लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं। वहीं दिवाली की पूजा के दौरान कुछ संकेतों का मिलना बेहद शुभ माना जाता है। ये संकेत अगर आपको पूजा के दौरान मिलते हैं तो समझ जाइए आपकी पूजा सफल हो गई है। इन संकेतों के मिलने के बाद माता लक्ष्मी की कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पहला संकेत
अगर दिवाली की पूजा के दौरान दीपक की लौ स्थिर बनी हुई है और लौ का बाहरी आवरण आपको अधिक पीला या नारंगी दिखाई दे तो समझ जाइए आपकी पूजा सफल हुई है। वहीं पूजा के दौरान लौ जितनी शांत रहती है उतना ही इसे शुभ माना जाता है। शांत लौ आपके जीवन में भी शांति और स्थिरता लाती है। अगर दिवाली पूजन में आपके दिए की लौ भी स्थिर और शांत है तो आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
दूसरा संकेत
दिवाली की पूजा के दौरान अगर पूजा स्थल से या फिर देवी-देवताओं की तस्वीर या मूर्ति से फूल या माला अचानक से आपके ऊपर गिर जाए तो इसे भी शुभ संकेत माना जाता है। इसका अर्थ है कि ईश्वर आपकी भक्ति से प्रसन्न हुए हैं, और आपकी पूजा सफल होगी। यह संकेत आपके जीवन में आने वाली खुशियों का भी प्रतीक माना जाता है।
तीसरा संकेत
अगर दिवाली की पूजा के दौरान आपकी आंखों से अचानक आंसू बहने लगें तो इसे भी शुभ संकेत माना जाता है। इसका अर्थ है कि आपकी भक्ति अटूट है और ईश्वर से आपका जुड़ाव हुआ है। यह संकेत मिलने के बाद आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
चौथा संकेत
दिवाली की पूजा के दौरान अगर आपको ऐसा प्रतीत हो कि कहीं दूर बांसुरी या फिर कोई वाद्ययंत्र बज रहा है तो इसको भी शुभता का संकेत माना जाता है। ऐसा होने पर आपको मानसिक शांति और पारिवारिक सुखों की प्राप्ति होती है।
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