Ekadashi Upay: 3 साल में एक बार आती है कमला एकादशी, इस दिन जरूर करें ये खास उपाय, हर परेशानी होगी छुमंतर
Ekadashi Upay: गुरुवार को पुरुषोत्तमी कमला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसे परम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है जब अधिक मास लगता है। तो यहां जानिए एकादशी के उपायों के बारे में।

Ekadashi Upay: गुरुवार को पुरुषोत्तमी कमला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह एकादशी 3 साल में एक बार आता है, जब अधिक मास लगता है। आपको बता दें कि अधिक मास को मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। पुरुषोत्तम भगवान विष्णु के प्रिय नामों में से एक है। पुरुषोत्तम मास में की जाने वाली इस एकादशी के प्रभाव से व्यक्ति समस्त पापकर्मों के बोध से छूट जाता है और अपार सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति करता है। साथ ही व्यक्ति को हर प्रकार की सिद्धि मिलती है और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा इस दिन इन खास उपायों को करने से समस्त परेशानियों से भी छुटकारा मिल जाता है। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए एकादशी के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।
- अगर आप नौकरी में लाभ की स्थिति सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो एकादशी के दिन आपको आम के साफ-सुथरे पांच पत्ते लेकर उन्हें पानी से धोना चाहिए और उन पर रोली से श्री लिखकर विष्णु भगवान को अर्पित करना चाहिए।
- अगर आपको किसी पापकर्म का बोध है और अब आप उस बोध से छुटकारा पाना चाहते हैं तो एकादशी के दिन उठने के बाद, स्नान आदि के वक्त अपने नहाने के पानी में चार बूंद आंवले का रस मिलाएं। अब उस आंवले के रस मिले हुए पानी से स्वयं स्नान करें और स्नान के वक्त भगवान विष्णु का ध्यान करें।
- अगर आपके कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है और उसके चलते आपके बाकी काम भी पेन्डिंग में पड़े हुए हैं तो एकादशी के दिन एक सूखा नारियल लीजिये। अब उस नारियल को बीच में से आधा काट दीजिये और आपकी जो भी परेशानी है, भगवान से उसका हल पाने की प्रार्थना करते हुए उस नारियल के अंदर एक रुपये का सिक्का डाल दीजिये। अब दोनों आधे काटे हुए भागों को फिर से एक दूसरे के ऊपर रखकर मौली की सहायता से बांध दीजिये और मंदिर में जाकर भगवान विष्णु को यह सूखा नारियल अर्पित करें।
- अगर आपके दांपत्य जीवन में कुछ वैचारिक मतभेद चल रहे हैं, जिसकी वजह से अक्सर आपके और आपके जीवनसाथी के बीच तकरार होती रहती है, तो इस स्थिति से बाहर निकलने के लिये एकादशी के दिन दूध, चावल की खीर बनाएं और हो सके तो उसमें थोड़ा-सा केसर भी डाल दें। अब श्री विष्णु को इस खीर का भोग लगाएं। साथ ही इस मंत्र का जाप करें 'माधवाय नमः।'
- अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो एकादशी के दिन थोड़े-से पीली सरसों के दाने लें और उन्हें भगवान विष्णु के सामने रखें। अब भगवान के नारायण मंत्र का जाप करें। मंत्र इस प्रकार है- 'ऊँ नमो भगवते नारायणाय।' इस प्रकार 5 बार मंत्र जाप के बाद उन सरसों के दानों को वहां से उठा लें और अपने सिर के ऊपर से सात बार उतारिये। उतारने के बाद घर के दक्षिण कोणे में उन सरसों के दानों को कपूर की सहायता से जला दें।
- अपने परिवार में सुख-शांति बनाये रखना चाहते हैं तो एकादशी के दिन सवा किलो चने की दाल लीजिये और उस दाल को परिवार के सब सदस्यों के हाथों से एक बार स्पर्श कराइए। अब भगवान का ध्यान करते हुए उस दाल को किसी जरूरतमंद को गिफ्ट कर दें।
- अगर आप अपनी व्यावसायिक यात्रा से अर्थ लाभ पाना चाहते हैं, अपनी फाइनेंशियल कंडिशन को बेहतर करना चाहते हैं, तो एकादशी के दिन एक केसर की डिब्बी लेकर, उसे भगवान विष्णु के चरणों से लगाकर अपने पास रख लें और जब कभी आप किसी व्यावसायिक यात्रा से बाहर जायें, तो उस केसर से अपने माथे पर तिलक लगाकर जायें।....... लेकिन अगर आप केसर ना ले सकें, तो आप एक डिब्बी में सुखी हल्दी ले लें।
- अगर आप अपने जीवन में भरपूर समृद्धि पाना चाहते हैं तो उसके लिये एकादशी के दिन किसी ब्राह्मण को घर पर भोजन के लिये आमंत्रित करें और उन्हें शुद्ध भोजन कराएं। भोजन खिलाने के बाद ब्राह्मण के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और दक्षिणा स्वरूप उन्हें कुछ न कुछ भेंट जरूर दें। अगर ब्राह्मण आपके घर भोजन के लिये न आ पायें तो उनके निमित्त एक थाली में भोजन निकालकर,
उसमें कुछ दक्षिणा रखकर उनके घर दे आयें और वहीं पर उनका आशीर्वाद भी ले लें।
- अगर आप अपनी जिम्मेदारियों का अच्छे से निर्वहन करना चाहते हैं, यानी उन्हें बिना किसी परेशानी के अच्छे से निभाना चाहते हैं, तो एकादशी के दिन आपको 'ऊँ नमो भगवते नारायणाय'। इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए और मंत्र जप के बाद श्री विष्णु को पीले रंग के फूल अर्पित करने चाहिए।
- अगर आप अपने बच्चों की तरक्की सुनिश्चित करना चाहते हैं तो एकादशी के दिन स्नान आदि के बाद अपने बच्चों के हाथों से भगवान को किसी पीले रंग की मिठाई का भोग लगवाएं। अगर उस मिठाई पर एक-दो केसर के रेशे भी डले हो तो और भी अच्छा है। भोग लगाते समय अपने बच्चों की तरक्की के लिये प्रार्थना करना न भूलें।
- अगर आप अपने कामों की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं तो एकादशी के दिन गीता का पाठ अवश्य करें। चाहें आप एकादशी के दिन एक ही अध्याय का पाठ करें, लेकिन करें जरूर, लेकिन अगर आप पाठ नहीं कर सकते तो एकादशी के दिन गीता की एक प्रति घर में लाकर जरूर रखें और उसे प्रणाम करें।
- अगर आपकी विश लिस्ट में कोई विश अधूरी पड़ी है तो उसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिये एकादशी के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा अर्चना करें, उनके सामने धूप-दीप जलाएं, केले के नैवेद्य का भोग लगाएं। साथ ही भगवान को पीले पुष्प अर्पित करें और अपनी विश पूरी करने के लिये भगवान से प्रार्थना करें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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