1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Ekadashi Vrat February 2026: एकादशी व्रत कब है 12 या 13 फरवरी? नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि

Ekadashi Vrat February 2026: एकादशी व्रत कब है 12 या 13 फरवरी? नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि

Ekadashi Vrat February 2026: फरवरी में दो एकादशी व्रत पड़ेंगे विजया एकादशी और आमलकी एकादशी। सबसे पहले विजया एकादशी मनाई जाएगी। नोट कर लें इसकी सही डेट और टाइम।

feb ekadashi- India TV Hindi
Image Source : CANVA फरवरी में एकादशी कब है 2026

Ekadashi Vrat February 2026: फरवरी की पहली एकादशी विजया एकादशी होगी जो फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ती है। इस एकादशी को लेकर ऐसी मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस दिन व्रत रखता है उसके जीवन के सारे दुखों का अंत हो जाता है। ये एकादशी कार्यों में सफलता दिलाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। ये व्रत आप निर्जला या फलाहार किसी भी तरह से रख सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं फरवरी में विजया एकादशी कब पड़ रही है।

फरवरी में एकादशी कब है 2026 (February Mein Ekadashi Kab Hai 2026)

विजया एकादशी 13 फरवरी 2026, शुक्रवार
विजया एकादशी पारण टाइम 07:00 AM से 09:14 AM
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय  04:01 PM
एकादशी तिथि प्रारम्भ  12 फरवरी 2026 को 12:22 PM बजे
एकादशी तिथि समाप्त 13 फरवरी 2026 को 02:25 PM बजे

एकादशी व्रत की विधि (Ekadashi Vrat Vidhi)

  • एकादशी व्रत से एक दिन पहले ही शाम के बाद भोजन न करें।
  • फिर एकादशी के दिन प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
  • घर के मंदिर में दीप जलाएं और व्रत करने का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु की मूर्ति पर चंदन, रोली लगाएं और पीले फूल, अक्षत और तुलसी दल अर्पित करें।
  • इसके बाद एकादशी की कथा पढ़ें। अगर सुबह के समय कथा नहीं पढ़ पाते हैं तो शाम में पढ़ लें।
  • पूजा के समय ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप अवश्य करें।
  • भगवान को भोग लगाएं और आरती करें।
  • इस दिन कई लोग रात्रि जागरण भी करते हैं।
  • फिर अगले दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान विष्णु की फिर से पूजा करें और ब्राह्मणों को भोजन कराकर अपना व्रत खोल लें।
  • ध्यान रहे कि एकादशी व्रत के दिन चावल का सेवन नहीं करना है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

 

यह भी पढ़ें:

Surya Grahan 2026: महाशिवरात्रि के बाद लगेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण, 3 राशियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा असर