A
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Falgun Amavasya 2025 Date: फाल्गुन मास की अमावस्या कब है? जानें डेट और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Falgun Amavasya 2025 Date: फाल्गुन मास की अमावस्या कब है? जानें डेट और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

Falgun Amavasya 2025: हिंदू धर्म में फाल्गुन अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान-दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। यहां जानिए कि इस साल फाल्गुन अमावस्या कब है और स्नान-दान के लिए कौनसा मुहूर्त उत्तम रहेगा।

फाल्गुन अमावस्या 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV फाल्गुन अमावस्या 2025

Falgun Amavasya 2025 Date and snan daan muhurat: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में फाल्गुन महीने में आने वाली इस अमावस्या को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले देवों के देव महादेव का पावन पर्व महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इसके साथ इतना पवित्र और शुभ दिन जुड़ा होने से आज के दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करना शुभफल देने वाला होता है। फाल्गुन अमावस्या के दिन कई धार्मिक तीर्थों पर बड़े-बड़े मेलों का आयोजन भी किया जाता है। तो यहां जानिए फाल्गुन मास की अमावस्या डेट और स्नान-दान मुहूर्त के बारे में।

फाल्गुन अमावस्या डेट और स्नान-दान मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि समाप्त 28 फरवरी को सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या 27 फरवरी को मनाया जाएगा। फाल्गुन अमावस्या के दिन स्नान-दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 09 मिनट से 05 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। स्नान-दान के लिए ये दोनों मुहूर्त बहुत ही उत्तम माना जाता है। बाकी अमावस्या के पूरे दिन स्नान-दान किया जा सकता है। 

फाल्गुन अमावस्या का महत्व

फाल्गुन अमावस्या के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। फाल्गुन अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। फाल्गुन अमावस्या के दिन गरीब और जरूरतमंदों को दान जरूर करें। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों पर कृपा बरसाते हैं। साथ ही अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, संपन्नता और खुशहाली आती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

MahaShivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल कैसे चढ़ाना चाहिए? जानिए जलाभिषेक की सही नियम

Mangal Margi 2025: महाशिवरात्रि से पहले मंगल हो रहे हैं मार्गी, इन राशियों का खुलेगा किस्मत का बंद दरवाजा, जानें आपकी राशि पर क्या होगा असर?