गुरुनानक देव जी को सिख धर्म के पहले गुरु और संस्थापक के रूप में जाना जाता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन को उनके जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल गुरुनानक जयंती 08 नवंबर 2022 को है। गुरुनानक देव एक महान दार्शनिक, योगी और समाज सुधारक थे। बचपन से ही उनकी रुचि आध्यात्म की ओर थी। कहा जाता है कि गुरुनानक देव जी को सारे धर्मग्रंथों का ज्ञान था। सिख धर्म के पवित्र गुरुग्रंथ साहिब के शुरुआती 940 शब्द गुरुनानक जी के ही हैं। उन्होंने कई उपदेश दिए जो जीवन के लिए सीख है। गुरुनानक जयंती पर जानते हैं गुरुनानक जी के ऐसे ही उपदेशों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
एक ओंकार मंत्र
गुरुनानक देव जी ने एक ओंकार के महत्व को बताया। इसका अर्थ है ईश्वर एक है और वे सभी जगह मौजूद है। गुरुनानक जी के अनुसार ईश्वर हर व्यक्ति, हर दिशा और हर जगह है।
धन अर्जित करने का तरीका
आज हर कोई पैसों के पीछे भाग रहा है। धन कमाने का लालच ऐसा है कि लोग सही-गलत काम का फर्क भी नहीं समझे। ऐसे में गुरुनानक जी का ये उपदेश जरूर जान लें। गुरुनानक जी के अनुसार लोभ का त्याग कर मेहनत करके और न्यायोचित तरीके से धन अर्जित करना चाहिए।
संसार पर विजय पाने का मंत्र
दुनिया पर जीत हासिल करने के लिए सबसे पहले अपने भीतर के विकारों और बुराईयों पर जीत हासिल करना सीखें।
सेवा से ही कर्म
जीवन में स्वार्थी बनकर केवल अपने लिए न सोचें। जीवन में आपको दूसरों की मदद और सेवा करने के लिए कई मौके मिलते हैं। इसलिए गरीब, असहाय और जरूरतमंदों की सेवा जरूर करें। इससे संतुष्टि और शांति प्राप्त होती है।
खुद के साथ करें सबकी बात
बराबरी को लेकर गुरुनानक देव जी का मानना था कि धर्म, जाति और लिंग किसी भी आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यही कारण है कि गुरुनानक जी सबकी और सब धर्मों की बात करते थे। इसे लेकर एक कहावत है ‘नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाने सरबत दा भला’। मतलब आप नानक का नाम लेते हुए सबके भले की बात करें। इससे खुद का भला होता है।
ये 5 बातें जीवन का मूलमंत्र
गुरुनानक देव जी की ये पांच बातों को कभी नहीं भूलें। इन बातों में जीवन का मूल मंत्र समाहित है। लोगों को प्रेम, एकता, समानता, भाईचारा और आध्यात्मिक ज्योति का संदेश देना चाहिए।