हिंदू धर्म में कजरी तीज व्रत को लेकर एक अलग ही आस्था है। इस व्रत को लेकर सुहागिन महिलाओं में अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से विवाहित महिलाओं के पति की लंबी उम्र बढ़ती है और उनके घर सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं, कुवांरी कन्याएं इस व्रत को रखती है ताकि उन्हें एक योग्य पति मिले। यह पर्व महादेव और देवी पार्वती के प्रति समर्पित माना जाता है।
हिंदू पंचांग की मानें तो इस साल कजरी तीज का व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा। ऐसे में आइए इस व्रथ से जुड़े कुछ नियम जानते हैं जैसे इस दिन क्या खाने की मनाही है और क्या खा सकते हैं...
कजरी तीज व्रत के नियम
जानकारी दे दें कि कजरी तीज का व्रत निर्जला यानी 24 घंटे बिना पानी पिए रखा जाता है। व्रत शुरू होने से पहले सूर्योदय से पहले सरगी खानी चाहिए। सरगी में फल, मिठाई, सूखे मेवे और दूध रखें। शाम के समय भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। पूजा में दीपक, धूप, फल, फूल और मिठाई चढ़ाएं। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोलें। अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का भोजन ग्रहण करें।
क्या खाने चाहिए?
- व्रत खोलने के बाद हल्का भोजन करें।
- सेब, केला, पपीता, अनार जैसे फल खा सकते हैं।
- दूध, दही या छाछ पी सकते हैं।
क्या नहीं खाना चाहिए?
- तला हुआ भोजन भी नहीं करें।
- इस दिन मांसाहार, प्याज और लहसुन का सेवन बिल्कुल न करें।
- मसालेदार भोजन से भी परहेज करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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