1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Navratri Kanya Pujan Time 2025: नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें? अष्टमी और नवमी पर कन्या जिमाने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा

Navratri Kanya Pujan Time 2025: नवरात्रि में कन्या पूजन कब करें? अष्टमी और नवमी पर कन्या जिमाने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा

Navratri Kanya Pujan Time 2025: कन्या पूजन विशेष रूप से नवरात्रि की अष्टमी और नवमी को किया जाता है। कन्या पूजन में श्रद्धालु छोटी कन्याओं को घर में बुलाकर उन्हें भोजन कराते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस साल कन्या पूजन का समय क्या रहेगा।

kanya pujan- India TV Hindi
Image Source : CANVA नवरात्रि कन्या पूजन 2025

Navratri Kanya Pujan Time 2025: नवरात्रि का पावन पर्व कन्या पूजन के बिना अधूरा माना जाता है। कहते हैं नवरात्रि की अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन जरूर करना चाहिए। इस पूजन में कन्याओं को घर पर बुलाया जाता है और उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग लगाया जाता है। फिर उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। कन्याओं के भोजन करने के बाद व्रती अपने व्रत का पारण करते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस साल कन्या पूजन की टाइमिंग क्या रहेगी।

कन्या पूजन कब है 2025 में (Kanya Pujan Kab Hai 2025 Mein)

नवरात्रि में कन्या पूजन 30 सितंबर और 1 अक्टूबर दोनों दिन किया जाएगा। 30 सितंबर 2025 को अष्टमी कन्या पूजन रहेगा और 1 अक्टूबर 2025 को नवमी कन्या पूजन रहेगा।

कन्या पूजन मुहूर्त 2025 (Kanya Pujan Muhurat 2025)

कन्या पूजन के लिए सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त का माना जाता है। वैसे आप सुबह से लेकर दोपहर तक के बीच में कभी भी कन्या पूजन कर सकते हैं। कन्या पूजन से पहले हवन पूजन जरूर करें। 

अष्टमी कन्या पूजन मुहूर्त 2025 (Ashtami Kanya Pujan Time 2025)

महाष्टमी पर कन्या पूजन का पहला शुभ मुहूर्त 30 सितंबर की सुबह 5:01 बजे से लेकर सुबह 6:13 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।

नवमी कन्या पूजन मुहूर्त 2025 (Navami Kanya Pujan Time 2025)

नवमी पर कन्या पूजन का पहला शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 1 मिनट से सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर को 2 बजकर 9 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।

कन्या पूजन कैसे किया जाता है? (Kanya Pujan Vidhi)

कन्या पूजन के दिन घर आई कन्याओं के सबसे पहले पैर धुले जाते हैं। इसके बाद उन्हें एक साफ आसन पर बिठाया जाता है। फिर कन्याओं के माथे पर तिलक लगाते हैं। साथ ही हाथ में कलावा बांधते हैं। फिर उन्हें भोजन खिलाया जाता है। इस दिन कन्याओं को खाने में हलवा, पूरी और चना जरूर देना चाहिए। इसके बाद उन्हें गिफ्ट या दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi pdf: भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या...देखें माता रानी के ढोलक वाले भजन Lyrics

138 दिन बाद शनि होंगे मार्गी, जानिए शनि साढ़े साती और ढैय्या वाली राशियों पर इसका क्या होगा असर