Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi pdf: बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी, भक्तों की लगी है कतार भवानी...देखें माता रानी के ढोलक वाले भजन Lyrics
Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi pdf: बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी, भक्तों की लगी है कतार भवानी...देखें माता रानी के ढोलक वाले भजन Lyrics
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Sep 27, 2025 10:36 am IST,
Updated : Oct 01, 2025 06:44 am IST
Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi pdf (माता के भजन हिन्दी में): नवरात्रि के पर्व में माता रानी के भजन खूब सुने जाते हैं। अगर आप भी माता के भजनों की तलाश कर रहे हैं तो एकदम सही जगह पर आए हैं। यहां हम आपको बताएंगे मां दुर्गा के भजनों के लिरिक्स।
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माता के भजन
Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi pdf (माता के भजन हिन्दी में): नवरात्रि में श्रद्धालु अपना ज्यादा से ज्यादा समय मां अंबे की अराधना में व्यतीत करते हैं। इस दौरान माता के भजनों को खूब सुना-सुनाया जाता है। कई भक्त नवरात्रि में अपने घर में रोजाना कीर्तन करते हैं। बता दें इस साल नवरात्रि का प्रारंभ 22 सितंबर से हुआ है और इसका समापन 2 अक्टूबर को होगा। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं नवरात्रि के लोकप्रिय भजनों के लिरिक्स।
माता रानी के भजन (Mata Rani Ke Bhajan Lyrics)
भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या
भगतो को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी कन्या
छोटी सी कन्या, एक छोटी सी कन्या
भक्तो ने पुछा मैया नाम तेरा क्या है
वैष्णो नाम बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भक्तो ने पुछा मैया धाम क्या है
परबत त्रिकुट बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भक्तो में पुछा मैया सवारी तेरी क्या है
पीला शेर बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भक्तो में पुछा माँ प्रशाद तेरा क्या है
हलवा पूरी चना बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भक्तो में पुछा मैया श्रृंगार तेरा क्या है
चोला लाल बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भक्तो में पुछा मैया शस्त्र तेरा क्या है
त्रिशूल चक्र बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
भक्तो ने पुछा सबसे प्यारा तेरा क्या है
भक्तो का प्यार बता गयी रे एक छोटी सी कन्या
कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना
कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना
जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उस का भोग लगा जाना
ना छत्र बना सका सोने का, ना चुनरी घर मेरे टारों जड़ी
ना पेडे बर्फी मेवा है माँ, बस श्रद्धा है नैन बिछाए खड़े
इस श्रद्धा की रख लो लाज हे माँ, इस विनती को ना ठुकरा जाना