भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस यानी टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए ₹31 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के भुगतान को लेकर अहम घोषणा की है। कंपनी ने इसके लिए 25 मई 2026 (सोमवार) को रिकॉर्ड डेट तय किया है। लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, इस डिविडेंड का लाभ पाने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर अपने पोर्टफोलियो में रखने होंगे। भारत के T+1 सेटलमेंट सिस्टम के तहत, रिकॉर्ड डेट या उसके बाद शेयर खरीदने वाले निवेशक इस डिविडेंड के पात्र नहीं होंगे।
12 जून 2026 को होगा भुगतान
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस के मुताबिक, योग्य शेयरधारकों को यह अंतिम डिविडेंड 12 जून 2026 (शुक्रवार) को भुगतान किया जाएगा, बशर्ते इसे वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में मंजूरी मिल जाती है। इससे पहले 9 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजों के साथ कंपनी ने ₹31 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था। TCS अपने निवेशकों को नियमित रूप से डिविडेंड के जरिए रिटर्न देने के लिए जानी जाती है, जिससे उन्हें कैपिटल एप्रिसिएशन के साथ स्थिर आय का भी फायदा मिलता है।
पहले ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था
जनवरी में कंपनी ने ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था, जिसमें ₹46 का स्पेशल डिविडेंड और ₹11 का अंतरिम डिविडेंड शामिल था। पूरे वित्त वर्ष 2025–26 में टीसीएस ने डिविडेंड के रूप में कुल ₹39,571 करोड़ निवेशकों को लौटाए। पिछले 12 महीनों में कंपनी ₹109 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड घोषित कर चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2004 से अब तक TCS 90 से अधिक बार डिविडेंड का ऐलान कर चुकी है, जो इसके मजबूत कैश फ्लो और निवेशक-फ्रेंडली पॉलिसी को दर्शाता है।
टीसीएस का मार्केट कैप घटा
देश की शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शुमार टीसीएस का बाजार मूल्य अप्रैल में 66,699.44 करोड़ रुपये घटकर 8,67,364.12 करोड़ रुपये रह गया। टीसीएस सबसे अधिक नुकसान में रहा। इधर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने आईटी सेवाओं, डिजिटल और औद्योगिक एआई पहल, डेटा सेंटर और अन्य टेक क्षेत्र में संबंधों को मजबूत करने के लिए सीमेंस एनर्जी एजी और सीमेंस एनर्जी इंडिया के साथ शुरुआती समझौते किए हैं।