सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए बप्पा से प्रार्थना की जाती है। हिंदू पंचांग में एक विशेष तिथि गणपति जी को समर्पित है। हर माह कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को व्रत रखने और गणेश जी की पूजा का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर विघ्न हर्ता की आराधना करने से जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है और बड़े से बड़े काम बिना रुकावट के संपन्न होते हैं। कल कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। ऐसे में यहां जान लें कि पूजा में कौन-कौन सी सामग्री का जरूरत पड़ेगी।
जुलाई महीने की शुरुआत के साथ ही आषाढ़ महीने का भी प्रारंभ हो गया है। आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का व्रत 3 जुलाई यानी कल रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश के कृष्णपिङ्गल स्वरूप की उपासना की जाएगी। अगर आप यह व्रत रखते हैं या पहली बार रखने जा रहे हैं, तो आज ही पूजा की पूरी तैयारी कर लें और जरूरी सामग्री इकट्ठा करके रख लें।
संकष्टी चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट (Sankashti Chaturthi Pujan Samagri List)
- गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर
- लकड़ी की चौकी
- गंगाजल
- शुद्ध जल
- कच्चा दूध
- दही
- शहद
- घी
- चंदन
- कुमकुम
- हल्दी
- सिंदूर
- अक्षत
- कलावा
- भगवान गणेश के लिए नए वस्त्र
- दीपक, धूप बत्ती और कपूर
- माचिस
- 21 दूर्वा
- लाल या पीले रंग के फूल और बेलपत्र
- मोदक या बेसन के लड्डू
- मौसमी फल
- नारियल
- तांबे या मिट्टी का लोटा
- आम और पान के पत्ते
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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