1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. इस साल मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन; एकादशी पर चावल वर्जित, लेकिन संक्रांति पर खिचड़ी जरूरी! ऐसे में क्या करें खिचड़ी खाएं या नहीं?

इस साल मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक ही दिन; एकादशी पर चावल वर्जित, लेकिन संक्रांति पर खिचड़ी जरूरी! ऐसे में क्या करें खिचड़ी खाएं या नहीं?

Makar Sankranti-Shattila Ekadashi 2026 Together: 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी भी है। जहां मकर संक्रांति पर चावलों की खिचड़ी खाने का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है तो वहीं एकादशी पर चावल खाना वर्जित होता है। जानिए ऐसे में क्या करें।

makar sankranti- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK मकर संक्रांति-षटतिला एकादशी एक साथ: खिचड़ी खाएं या छोड़ दें?

Makar Sankranti Par Khichdi Khaye Ya Nahi: इस बार मकर संक्रांति पर ऐसा संयोग बन गया है जिसने श्रद्धालुओं को कन्फ्यूजन में डाल दिया है। दरअसल 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी भी है। शास्त्रों में एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया है तो वहीं मकर संक्रांति पर चावल और दाल की खिचड़ी का सेवन जरूर किया जाता है। ऐसे में हर कोई इस चीज को लेकर कन्फ्यूजन में है कि इस दिन खिचड़ी का सेवन करें या नहीं। चलिए आपकी इस दुविधा को दूर करते हुए बताते हैं कि इस दिन क्या करना रहेगा सही।

मकर संक्रांति 2026 पर खिचड़ी खाएं या नहीं?

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा संयोग 2003 में भी बना था और अब 23 साल बाद फिर से ऐसा हुआ है जब एकादशी और संक्रांति एक साथ पड़ गए हैं। जब भी ऐसा संयोग बनता है तो सबसे पहले ये देखा जाता है कि उस दिन एकादशी तिथि कितने बजे तक रहेगी। पंचांग अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी 14 जनवरी की शाम 5 बजकर 52 मिनट पर खत्म हो रही है। ऐसे में एकादशी तिथि के समाप्त होने पर चावल की खिचड़ी का सेवन और दान किया जा सकता है। इससे कोई दोष नहीं लगेगा।

हर नियम और बाध्यता से मुक्त होते हैं त्योहार

कई ज्योतिष विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि सनातन परंपरा में शुभ तिथियां और त्योहार किसी भी तरह के नियम और बाध्यता से मुक्त होते हैं। यही कारण है कि त्योहारों पर कोई भी शुभ कार्य बिना किसी संदेह के पूरा किया जा सकता है। ऐसे में इस दिन बिना किसी टेंशन के मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा सकता है और खिचड़ी का सेवन भी कर सकते हैं।

मकर संक्रांति पर क्या करते हैं?

मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालु सुबह पवित्र नदी के जल से स्नान करते हैं और फिर इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। फिर चावल, काली उड़द दाल, तिल और गुड़ का दान किया जाता है। इस दिन खिचड़ी का सेवन जरूर किया जाता है तो वहीं उत्तर भारत में कई जगहों पर इस दिन दही-चूड़ा खाने की भी विशेष परंपरा है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति का त्योहार क्यों मनाया जाता है?